कहानी रेखाचित्रों की
पता चला कि छगनलाल जाधव गांधी जी की अरुणोदय टुकड़ी में शामिल थे जो उस दौरान तमाम तरह की यात्राएं आयोजित करती थी। इन्हीं में से एक बड़ी और चर्चित यात्रा थी –दांडी यात्रा। इस दौरान जाधव ने गांधी जी के तमाम रेखाचित्र अपनी डायरी में बनाए और उस दौरान की कुछ पत्र पत्रिकाओं में ये छपे भी। यहां तक कि गांधी जी ने छगनलाल जाधव की कला की बहुत तारीफ भी की। लेकिन ये चित्र गुमनामी में खो गए।
बहरहाल, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट को जब कादरी ने इस बारे में बताया तो इसके महानिदेशक अद्वैत चरण गडनायक ने इसे दुनिया के सामने लाने का फैसला किया। उन्होंने अपनी गैलरी में पहले से मौजूद तमाम जाने-माने कलाकारों के गांधी पर किए गए काम को भी इससे जोड़ा और दांडी मार्च पर एक बड़ी और दुर्लभ कला प्रदर्शनी का आयोजन कर डाला। इसमें गांधी जी के समकालीन कलाकारों नंदलाल बोस, राम किंकर बैज और उपेन्द्र महारथी आदि की कला को भी एक साथ रखा गया है।
गांधी जी के दांडी मार्च को इतने वृहद रूपों में देखना एक अनुभव है, साथ ही कला के विविध आयामों की भी यहां एक झलक मिलती है। खासकर एक गुमनाम कलाकार छगनलाल जाधव के बेहतरीन स्केच (रेखाचित्र) आपको उसी दौर में एक बार फिर ले जाते हैं। वक्त मिले तो यह प्रदर्शनी जरूर देखनी चाहिए।
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