फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहली बार दुनिया के सामने आए गांधी जी के दुर्लभ चित्र,नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में लगी प्रदर्शनी

विज्ञापन
छगनलाल जाधव के रेखाचित्र कभी दुनिया के सामने नहीं आए। - फोटो : Dandi Yatra
विज्ञापन

अपने देश में गांधी जी पर बहुत काम हुआ है। गांधी को एक व्यक्ति से ज्यादा एक दर्शन माना जाता है और वही दर्शन हमारे कलाकारों से लेकर बुद्धिजीवियों तक को प्रेरणा देता रहा है। गांधी जी की 150वीं जन्म शताब्दी के मौके पर देश भर में उनके दर्शन से लेकर उनकी जीवन यात्रा को अपने अपने तरीके से बताने-दिखाने की कोशिशें हो रही हैं। दिल्ली की नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में गांधी के जीवन की एक अहम घटना ‘दांडी मार्च’ को केन्द्र में रखकर एक बेहद दुर्लभ प्रदर्शनी लगाई गई है।

विज्ञापन


दरअसल, युवा इतिहासकार डॉक्टर रिज़वान कादरी ने गांधी जी के साथ उनकी दांडी यात्रा के सहयात्री कलाकार छगनलाल जाधव के रेखाचित्रों को पहली बार दुनिया के सामने पेश किया है। कादरी ने जाधव के चित्रों पर एक पुस्तक लिखी है– अनसीन ड्रॉइंग्स ऑफ डांडी मार्च, ड्रॉइंग्स ऑफ छगनलाल जाधव (दांडी मार्च के अनदेखे रेखाचित्र)। कादरी के मुताबिक उन्हें ये रेखाचित्र अहमदाबाद के एक साप्ताहिक हाट गुजरी बाजार में मिले और तब उन्होंने इसके चित्रकार के बारे में तथ्य तलाशे।

विज्ञापन

कहानी रेखाचित्रों की 
पता चला कि छगनलाल जाधव गांधी जी की अरुणोदय टुकड़ी में शामिल थे जो उस दौरान तमाम तरह की यात्राएं आयोजित करती थी। इन्हीं में से एक बड़ी और चर्चित यात्रा थी –दांडी यात्रा। इस दौरान जाधव ने गांधी जी के तमाम रेखाचित्र अपनी डायरी में बनाए और उस दौरान की कुछ पत्र पत्रिकाओं में ये छपे भी। यहां तक कि गांधी जी ने छगनलाल जाधव की कला की बहुत तारीफ भी की। लेकिन ये चित्र गुमनामी में खो गए।

बहरहाल, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट को जब कादरी ने इस बारे में बताया तो इसके महानिदेशक अद्वैत चरण गडनायक ने इसे दुनिया के सामने लाने का फैसला किया। उन्होंने अपनी गैलरी में पहले से मौजूद तमाम जाने-माने कलाकारों के गांधी पर किए गए काम को भी इससे जोड़ा और दांडी मार्च पर एक बड़ी और दुर्लभ कला प्रदर्शनी का आयोजन कर डाला। इसमें गांधी जी के समकालीन कलाकारों नंदलाल बोस, राम किंकर बैज और उपेन्द्र महारथी आदि की कला को भी एक साथ रखा गया है।
 
गांधी जी के दांडी मार्च को इतने वृहद रूपों में देखना एक अनुभव है, साथ ही कला के विविध आयामों की भी यहां एक झलक मिलती है। खासकर एक गुमनाम कलाकार छगनलाल जाधव के बेहतरीन स्केच (रेखाचित्र) आपको उसी दौर में एक बार फिर ले जाते हैं। वक्त मिले तो यह प्रदर्शनी जरूर देखनी चाहिए। 
 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : यह लेखक के निजी विचार हैं. आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है. आप भी अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं. लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें.
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें