मुकुल रॉय को उप मुख्यमंत्री भी बनाया जा सकता है और उन्हें संगठन विस्तार के काम में लगाया जा सकता है।
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केंद्र की ओर हैं निगाहें
बहरहाल ! सूत्रों के मुताबिक़ पराजित बीजेपी को घेरने के लिए ममता बनर्जी अब अपनी पार्टी का विस्तार बंगाल से बाहर बिहार,झारखंड,ओडिशा और उत्तर पूर्व के राज्यों में करेंगीं। मुकुल रॉय को उप मुख्यमंत्री भी बनाया जा सकता है या उन्हें संगठन विस्तार के काम में लगाया जा सकता है।
इसके अलावा ममता बनर्जी समान वैचारिक दलों को एक मंच पर लाने का काम कर रही हैं। इनमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ,राष्ट्रीय जनता दल,ओडिशा में नवीन पटनायक की पार्टी,आम आदमी पार्टी,अकाली दल,समाजवादी पार्टी,तेलंगाना राष्ट्र समिति,तेलुगु देशम और बीजू जनता दल से संवाद करने का ज़िम्मा मुकुल रॉय को सौंपा जा सकता है। उत्तर प्रदेश में तृणमूल कांग्रेस इस बार पूरे दमखम से चुनाव लड़ेगी और मुकुल वहां डेरा डालेंगे। यह क़रीब-करीब तय है।
कांग्रेस के साथ ममता की हिचक बरक़रार है। उसका कारण वामदल हैं। जब तक कांग्रेस वाम दलों का साथ नहीं छोड़ती ,तब तक ममता या उनके नेतृत्व में किसी गठबंधन का कांग्रेस के साथ आना संभव नहीं दिखाई देता। इसके बावजूद प्रतिपक्ष को मज़बूत करने वाले हर घटनाक्रम का खैरमक़दम किया जाना चाहिए। देश की लोकतान्त्रिक देह को स्वस्थ्य रखेगा।
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