मालवा में कहावत है कि यदि मां थाली में चटनी रोटी भी परोस के दे देगी तो संतान का पेट भर जाएगा, तृप्ति मिल ही जाएगी उसी तरह मघा नक्षत्र में यदि बरसात हो जाए तो धरती की प्यास बुझ जाती है। मां की सत्ता तो परमेश्वर के समान है।
इसी परम सत्ता की संवाहक मां के अस्तित्व को महसूस करने के लिए आज मैंने अपनी स्वर्गीय मां का स्मरण किया। आज तीस -पैंतीस बरस गुजर गए, मां को गुजरे। मैं भी साठ के ऊपर की उम्र पार कर चुकी। कभी मन में मां को लेकर इस तरह नहीं सोचा। मां क्या तुम अब भी मेरे आस पास हो?
लगा मां प्रतिध्वनि बन कर धरती के कण -कण में है। मेरे भीतर की धडकनों में, मेरी रग -रग में बह रहे रक्त में, फूलों के रंगों में, धरती की सौंधी सुगंध से लेकर माटी की हर खुशबू के बीच मां की ध्वनि प्रतीत हुई।
मां तुम ध्वनि का नाद बन झरनों, प्रपातों और नदियों की धाराओं में समाती चली गई। क्या तुम सागर की उत्ताल तरंगों में भी शामिल हो। वन-लता, प्रकृति के नाना रुपों में बिखरी तुम्हारी प्रतिछवि सब मनुष्य मात्र का लालन-पालन करती रहती हो। पर जब भी मैं तुम्हें पुकारती हूं वह पुकार प्रतिध्वनि बन धरती की हर स्त्री को, नारी को, मादा जात को भीतर तक छू लेता है। क्या है मां होना? ममत्व, गर्भ धारण या केवल जैविक क्रिया या यान्त्रिक कर्म?
नहीं। मां बनने के लिए गर्भधारण की स्थिति ही मादा जात में एक दायित्व का बोध जगा देती है। वह अब धरती पर सामान्य नहीं वरन विशेष है। मातृत्व का दायित्व कम महत्वपूर्ण नहीं? जीवन देने और प्राण रक्षा करने का सामर्थ्य है।
यह प्रकृति की महक को अपने अंदर प्राण पण से उर्जस्वित करने का वह अनोखा पल है, जिसे संसार में केवल स्त्री जाति को ही मिला है। इसलिए जीवन के इस मातृत्व के पल को अप्रतिम और ईश्वर द्वारा प्रदत्त वरदान की तरह ही स्वीकार करना चाहिए।
प्रकृति के नित दोहन और प्रकृति के प्रति हमारी उपभोगवादी मानसिकता ने प्रकृति को बहुत नुकसान पहुंचाया। यही उपभोग की मानसिकता के कारण मनुष्य के अस्तित्व को भी हमने नगण्य बना दिया। प्रकृति ने मनुष्य की प्रत्येक धृष्टता को उदार मना माता के हृदय की तरह सहा है।
आज मां होना या बनना तकनीक के द्वारा आसान हो गया है। पर कभी यह भी सोचा जा सकता है कि जिस माता ने श्रीराम और श्रीकृष्ण के मुख में ब्रम्हाण्ड के दर्शन सहज ही प्राप्त कर लिए क्या मां के मुख में संतान भी ब्रम्ह दर्शन कर पाएगी। मां तुम सचमुच प्रतिध्वनि हो। प्रतिध्वनि हो। प्रतिध्वनि हो।
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