पिछले दिनों राजस्थान से एक ऐसी खबर आई, जिसके विषय को लेकर हम सब चिंता तो बहुत करते हैं, लेकिन हालात सुधारने हैं, इस पर कोई भी कार्य नहीं हो रहा है। दरअसल, राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने निर्वासित, उत्पीड़ित और उपेक्षित 11 युवतियों के विवाह के लिए प्रदेशभर के युवकों से आवेदन मांगे थे। आश्चर्यजनक बात यह है कि 1900 से अधिक युवकों के आवेदन सरकार को प्राप्त हुए।
आज विवाह केवल उम्र या लिंग पर आधारित नहीं, बल्कि आर्थिक स्थातित्व, शैक्षणिक योग्यता और सामाजिक छवि भी महत्वपूर्ण हो गई है। यही कारण है कि बड़े पैमाने पर अविवाहित रह गए युवकों में मानसिक अवसाद, नशे की प्रवृत्ति, सामाजिक गड़बड़ी और अपराधों का खतरा बढ़ जाता है।
हालांकि, ऐसा नहीं है कि केवल पुरुष अविवाहित रह जाते हैं, बल्कि महिलाओं में भी अविवाहित रहने के आंकड़े बढ़ रहे हैं। इसका विशेष कारण लड़कियों की उच्च शिक्षा, नौकरी और करियर पर ध्यान देना है। बहुत सी महिलाएं शादी को विकल्प की तरह दिखती हैं, न की सामाजिक अनिवार्यता के रूप में।
युवतियों के अविवाहित रहने पर समाजशास्त्रियों का कहना है कि भारत में स्वैच्छिक विवाह और परिस्थितिजन्य विवाह, दोनों बढ़ रहे हैं। महिलाएं पहले से अधिक स्वतंत्र हैं, लेकिन सामाजिक ढांचे में बदलाव धीरे-धीरे हो रहा है। यह बदलाव भारतीय परिवार व्यवस्था के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक झटका है। अब भी बहुत से माता-पिता अपनी बेटियों की शादी को प्रतिष्ठा और सामाजिक जिम्मेदारी मानते हैं। जब बेटियां शादी में रुचि नहीं लेतीं तो परिवार में तनाव का कारण बनता है।
वैसे, अविवाहित महिलाएं आत्मनिर्भर तो हैं, लेकिन वृद्धावस्था, सामाजिक समर्थन और अकेलेपन के संदर्भ में उन्हें भविष्य को लेकर अधिक तैयारी करनी होती है। भारत जैसे देश में जहां सामाजिक सुरक्षा प्रणाली कमजोर है, वहां यह चिंता वास्तविक है।
विवाह जैसी संस्था को लेकर यदि भारतीय समाज को देखा जाए तो आज हम एक चौराहे पर खड़े हैं, जहां एक ओर आधुनिकता और स्वतंत्रता है तो दूसरी ओर परंपरा और सामाजिक अपेक्षाएं। यह बदलाव केवल संख्याओं का नहीं, बल्कि पूरे सामाजिक मूल्यतंत्र का पुनर्गठन है।
-------------------
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।