जीवन के सभी सामाजिक पहलुओं पर गांधी जी ने समग्र विचार दृष्टि डाली।
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आजादी के संघर्ष में उन्हें शामिल करके उनके जीवन के अवरोध बनने वाली मानसिकता को बदलने का प्रयास किया। जीवन के सभी सामाजिक पहलुओं पर गांधी जी ने समग्र विचार दृष्टि डाली। जीवन में मूल्य और नैतिकता को बहुत महत्व दिया। भ्रष्ट और उच्छृंखल आचरण पर प्रायश्चित और उपवास के कठोर संयम का अंकुश भी लगाया। यदि गांधी जी को तपोनिष्ठ राजनीतिक गुरु या आचार्य की संज्ञा भी बहुत अल्प प्रयोजनीय मालूम होगी। आज की छल, छद्म से परिपूर्ण राजनीति जो कि सत्ता की हेतुक है।
गांधी जी की नैतिक और मूल्याधारित राजनीति भारतीय राजनीति की मानक व्यवस्था को पुनः प्राप्त करने में सहायक केवल जन हो सकता है। आज तो लोकशाही के पर्देदारी में राजशाही की झलक देखने को मिल रही है। राजनीति मण्डी बनी नेतृत्व की नीलामी कर रही ही नजर आ रही है। जन की जागरूकता ही गांधी जी का सच्चा स्मरण है।
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