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महाराष्ट्र चुनाव परिणाम 2024: तो क्या अगला सीएम भाजपा से होगा? नजरें देवेंद्र फडणवीस पर

सार

अब भाजपा का ही मुख्यमंत्री महाराष्ट्र में फिर बनेगा, यह स्पष्ट दिख रहा है। देवेंद्र फडणवीस फिर मुख्यमंत्री की रेस में दिख रहे हैं। हालांकि, चुनाव के दौरान उन्होंने कहा था कि वो सीएम की रेस में नहीं हैं। नतीजों से स्पष्ट है कि भाजपा नेतृत्व देवेंद्र फडणवीस पर पुनः विश्वास जता सकता है। 

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देवेंद्र फडणवीस: क्या युवा नेता फिर बनेंगे महाराष्ट्र के सीएम? - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के रुझानों को देखकर मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की यादें ताजा हो गई हैं। दरअसल, जिस तरह मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने नतीजों से सबको चौंका दिया था, कुछ-कुछ वैसा ही महाराष्ट्र के नतीजे में देखने को मिला है। भाजपा नेतृत्व के गठबंधन महायुति भारी बहुमत के साथ सत्ता में पुनः वापसी करता दिख रहा है। कांग्रेस नेतृत्व के गठबंधन महाविकास अघाड़ी का सुपड़ा साफ हो गया है।

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महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'एक हैं तो सेफ हैं' और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'बंटोगे तो कटोगे' का नारा दिया था, जिसका असर नतीजों में स्पष्ट रूप से दिख रहा है। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन बैठेगा? इस पर सबकी नजरें रहने वाली हैं।

वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और शिवसेना गठबंधन के रूप में चुनाव लड़े थे और जीत हासिल की थी, लेकिन शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे की अति महत्वाकांक्षाओं ने गठबंधन को तोड़ दिया था। हालांकि, कुछ समय बाद भाजपा ने शिवसेना को तोड़कर महायुति का गठन कर सरकार बना ली थी। तब यह माना जा रहा था कि महायुति के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर है।
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खासकर सात महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए की हार से इसका संकेत देखने को मिला था। लोकसभा चुनाव में भाजपा मात्र 10 सीटों पर सिमट गई थी, उसे वर्ष 2019 से 13 सीटों का नुकसान हुआ था। कांग्रेस ने अप्रत्याशित रूप से 13 सीटें हासिल की थीं और उसे 12 सीटों का लाभ हुआ था, जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना नौ सीटें जीतने में सफल रही थी। शरद पवार की एनसीपी ने सात सीटें जीती थीं। शिवसेना (शिंदे) को सात और एनसीपी (अजित) को एक सीट मिली थी।  

लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद यह स्पष्ट था कि महायुति की स्थितियां महाराष्ट्र में अच्छी नहीं हैं। दूसरा, मराठा आंदोलन को लेकर बार-बार सरकार को परेशानी उठानी पड़ रही थी। हालांकि, विधानसभा चुनाव में कोई बड़ा मुद्दा नहीं था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ध्रुवीकरण को बड़ा मुद्दा बना दिया। उन्होंने 'एक हैं तो सेफ हैं' का नारा जोर-जोर से उठाया। डबल इंजन की सरकार में विकास का वादा भी भाजपा के पक्ष में गया। शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और एनसीपी (अजित) भी लाभ में नजर आ रही है। दोनों पार्टियों को खूब सीटें मिली हैं।

शिवसेना शिंदे गुट को तो महाविकास अघाड़ी की कुल सीटों से ज्यादा सीटें मिलती दिख रही हैं। शिंदे अब शिवसेना के असली उत्तराधिकारी बन गए हैं और अजित पवार ने एनसीपी पर कब्जा कर लिया है। 

महाराष्ट्र चुनाव ने महाविकास अघाड़ी के साथ इंडी गठबंधन को भी बिखराव पर ला दिया है। विशेष कर उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है। शरद पवार की राजनीति भी अपने अंतिम दौर में जाती दिख रही है। शायद चुनाव में मतदाताओं का संकेत राजनीति के महारथी शरद पवार समझ गए थे। उन्होंने राजनीतिक संन्यास की बात तक कह दी थी। उनकी पार्टी महाविकास अघाड़ी में सबसे पीछे है। 

पिछले कुछ चुनावों से भारतीय जनता पार्टी की कोशिश थी कि वो महाराष्ट्र में ए-पार्टनर बनकर राजनीति करे। वर्ष 2014 के चुनाव में पार्टी ने शिवसेना को पीछे कर अपना मुख्यमंत्री बनाया था। तब देवेंद्र फडणवीस को सत्ता की चाबी मिली थी। वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा ने उद्धव ठाकरे की मुख्यमंत्री पद की मांग को अस्वीकार कर विपक्ष में बैठना स्वीकार किया था।
 
सत्ता का लोभ ठुकराते हुए विपक्ष में बैठना स्वीकार किया था। हालांकि, शिवसेना में तोड़-फोड़ कर पार्टी सत्ता में आ गई थी, लेकिन अपना मुख्यमंत्री नहीं बनाया था। शिवसेना तोड़ने वाले एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री, जबकि देवेंद्र फडणवीस को उप मुख्यमंत्री बनाया गया। इसका लाभ इस चुनाव में स्पष्ट रूप से दिख रहा है। अब भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर पुनः उभरी है और बहुमत के आंकड़े से थोड़ा ही पीछे है। अब भाजपा का ही मुख्यमंत्री महाराष्ट्र में फिर बनेगा, यह स्पष्ट दिख रहा है। देवेंद्र फडणवीस फिर मुख्यमंत्री की रेस में दिख रहे हैं। हालांकि, चुनाव के दौरान उन्होंने कहा था कि वो सीएम की रेस में नहीं हैं। नतीजों से स्पष्ट है कि भाजपा नेतृत्व देवेंद्र फडणवीस पर पुनः विश्वास जता सकता है। 

महाराष्ट्र के नतीजों से केंद्र में एनडीए सरकार को भी बल मिलने वाला है। तीन दिन बाद शुरू हो रहे लोकसभा के शीतकालीन सत्र में एनडीए रक्षात्मक नहीं, आक्रामक दिखने वाला है। महाराष्ट्र जीत के असली हीरो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्र में और अधिक मजबूत होंगे। एनडीए और अधिक मजबूत होगा।
 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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