बहुत-से लोग अपने जीवन का अधिकांश समय भय में बिताते हैं। उन्हें असफलता का भय होता है, अस्वीकृति का भय होता है, उपहास का भय होता है। वे अपने सपनों को इसलिए नहीं छोड़ते कि वे असंभव हैं, बल्कि इसलिए छोड़ देते हैं, क्योंकि वे जोखिम भरे हैं। लेकिन, जो जीवन केवल सुरक्षा के लिए जिया जाए, वह धीरे-धीरे अपनी चमक खो देता है। यदि आपके भीतर कोई गीत है, तो उसे गाएं। यदि कोई विचार है, तो उसे व्यक्त करें। यदि कोई सपना है, तो उसके लिए प्रयास करें। इस बात की गारंटी कोई नहीं दे सकता कि आप सफल हो ही जाएंगे। पर, यह लगभग निश्चित है कि यदि आपने प्रयास ही नहीं किया, तो एक दिन आपको पछतावा जरूर होगा। जीवन का मूल्य इस बात से तय नहीं होता कि हमने कितनी बार जीत हासिल की। उसका मूल्य इस बात से तय होता है कि हमने कितनी बार डर के बावजूद आगे कदम बढ़ाया। हर महान कहानी में असफलताएं होती हैं, हर गहरे प्रेम में जोखिम होता है और हर यात्रा में भटकाव होता है। अपनी असफलताओं से घृणा न करें। वे आपकी कमजोरी के नहीं, बल्कि संघर्ष के प्रमाण हैं। अपने संदेहों से मत डरें, क्योंकि वे बताते हैं कि आप अब भी सोच रहे हैं, कुछ खोज कर रहे हैं। आपकी गलतियां संकेत हैं कि आप जीवित हैं, प्रयास कर रहे हैं और बदल रहे हैं। जीवन पूर्णता की प्रतियोगिता नहीं है। यह अनुभव करने की कला है। जो व्यक्ति पूरी तरह सुरक्षित रहा, उसने शायद बहुत कम जिया। और, जिसने पूरे साहस से प्रेम किया, सीखा, गिरा, उठा और आगे बढ़ा, उसने जीवन को उसकी संपूर्णता में महसूस किया।
इसलिए, हर दिन को अंतिम उत्तर की तरह जीना बंद करें। उसे एक नए प्रश्न की तरह जिएं। जिज्ञासु, साहसी और अपूर्ण रहें, क्योंकि कई बार सबसे सुंदर जीवन वही होता है, जो पूरी तरह समझ में नहीं आता, पर पूरी निडरता से जिया जाता है।