फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

IPL 2025 : फैंस को अखर गया महेंद्र सिंह धोनी का यह अंदाज!

सार

फैंस पूछ रहे हैं कि आखिर क्या वजह रही, जो धोनी को नौवें नंबर पर बैटिंग करने के लिए आना पड़ा। उन्होंने स्वयं से पहले रविचंद्रन अश्विन, जो एक स्थापित बल्लेबाज नहीं हैं, को भेज दिया।
विज्ञापन
एमएस धोनी - फोटो : IPL/BCCI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महेंद्र सिंह धोनी क्रिकेट प्रेमियों के निशाने पर हैं। कारण, चेन्नई में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ उनका देरी से मैदान पर उतरना है। फैंस पूछ रहे हैं कि आखिर क्या वजह रही, जो धोनी को नौवें नंबर पर बैटिंग करने के लिए आना पड़ा। उन्होंने स्वयं से पहले रविचंद्रन अश्विन, जो एक स्थापित बल्लेबाज नहीं हैं, को भेज दिया। यह बात सत्य है, भले ऋतुराज गायकवाड चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान हैं, लेकिन मैदान पर धोनी ही असली कप्तान होते हैं। उन्हीं की सलाह पर टीम चलती है।

विज्ञापन


क्या यह मान लिया जा कि अब धोनी में वो करंट नहीं बचा है, जिसके लिए वो जाने जाते हैं? क्या धोनी का यह अंतिम इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) सीजन रहने वाला है? सवाल बहुत हैं, जिनका जवाब संभवतः धोनी आगामी मैचों में अपने बल्ले से देंगे। 

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने चेन्नई सुपर किंग्स को उसके घरेलू मैदान पर 197 रन का टारगेट दिया था। आईपीएल मैचों के लिए यह बहुत बड़ा टारगेट नहीं है, लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत बेहद खराब रही। उसके तीन विकेट मात्र 26 रन पर गिर गए थे। चेन्नई की पारी पूरे मैच में ठीक से संभाल नहीं सकी।
विज्ञापन


एक समय जरूरी रन रेट 12 से ऊपर निकला तो माना जा रहा था कि धोनी जैसा धुरंधर बल्लेबाज ऊपर बैटिंग के लिए आएगा, लेकिन जब टीम का स्कोर 99 रन पर 7 विकेट हो चुका था और 15.2 ओवर बीत चुके थे, तब धोनी मैदान पर उतरे। उस समय टीम को जीत के लिए 14 रन प्रति ओवर से अधिक चाहिए थे। 

धोनी को लेकर नाराजगी

धोनी जैसे बल्लेबाज के लिए यह कोई बड़ा काम नहीं है। उन्होंने पहले भी ऐसे फंसे हुए मैचों को विपक्षी टीम के जबड़े से खींच कर चेन्नई सुपर किंग्स को जीत दिलाई है, लेकिन बेंगलुरु के खिलाफ कहीं न कहीं धोनी की बॉडी लैंग्वेज ऐसी प्रतीत हुई, मानो वो खेलने और टीम को जीत दिलाने के बहुत इच्छुक नहीं हैं।

भले धोनी ने 16 गेंदें खेलकर 30 रन बनाए और नाबाद रहे, लेकिन यह रन काफी देरी से आए। उन्होंने तीन चौके और दो छक्के भी लगाए, लेकिन यही करिश्मा वो 10-11 ओवर में आकर करते तो नतीजा शायद कुछ और हो सकता था। 

पूर्व भारतीय खिलाड़ी और कमेंटेटर रवि शास्त्री ने यहां तक टिप्पणी कर दी कि नौवें नंबर पर बैटिंग करने आने से बेहतर है, आईपीएल खेलना नहीं चाहिए। पूर्व भारतीय खिलाड़ी इरफान पठान ने भी कहा कि धोनी को कभी नौवें नंबर पर बैटिंग नहीं करनी चाहिए। यह टीम के लिए भी बेहतर नहीं होता है। सोशल मीडिया एक्स पर कुछ लोगों ने तो धोनी को ओवररेटेड क्रिकेटर तक बता डाला। 

धोनी अब 44 साल के होने वाले हैं और वो आईपीएल के सबसे बुजुर्ग खिलाड़ी भी हैं। शायद उनके पूर्व रिकॉर्ड और सम्मान को देखते हुए ही चेन्नई सुपर किंग्स धोनी को टीम में बने हुए है, लेकिन अब यूं लगने लगा है कि धोनी केवल टाइम पास क्रिकेट ही खेल रहे हैं। हालांकि, इस आईपीएल में चेन्नई और मुंबई इंडियन्स के मैच में जब धोनी ने सूर्य कुमार यादव को स्टांप आउट किया था तो उन्होंने अपनी बाज जैसी तेजी को लेकर सुर्खियां भी बटोरी थीं। 

एक्स पर तो धोनी अपनी पारी के दौरान और पारी के बाद ट्रेड करते रहे। हालांकि, अभी आईपीएल का यह सीजन शुरू हुआ है। सभी टीमों को लंबा सफर तय करना है, लेकिन अगर यही अंदाज धोनी का आगे भी बना रहा तो चेन्नई सुपर किंग्स के लिए बेहद मुश्किल आने वाली है।

भले धोनी एक अच्छे रणनीतिकार हैं और टीम को मैदान पर बहुत सपोर्ट करते हैं, लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स को धोनी के बल्ले से निकलने वाले चौके-छक्कों की भी जरूरत है। विशेष कर जब टीम फंसी हुई हो। चेन्नई सुपर किंग्स के फैन संकट की स्थिति में धोनी की ओर देखते हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के फैंस तो यही चाहेंगे कि धोनी आगे के मैचों में अपने बल्ले से सभी आलोचकों को जवाब दें। अपना वही पुराना रूप दुनिया के सामने दिखाएं।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें