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IPL 2025: विराट कोहली-जडेजा के साथ खेल चुका ये खिलाड़ी अब आईपीएल में करेगा अंपायरिंग

सार

तनमय पहला ऐसा खिलाड़ी भी बन गया है, जो आईपीएल में खेला भी है और अंपायरिंग भी करने जा रहा है। एक समय तनमय की गिनती उन खिलाड़ियों में होती थी, जिनके बलबूते भारत ने अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में जीत का परचम लहराया था।
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जडेजा और द्रविड़ के साथ तनमय - फोटो : srivastavatanmay07-instagram (screengrab)
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विस्तार
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बात साल 2008 की है। सिंगापुर में अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने जीता था। विजेता भारतीय टीम के उप कप्तान रविंद्र जडेजा थे। टीम में तनमय श्रीवास्तव बतौर ऑल राउंडर की भूमिका में थे। शायद अधिकांश क्रिकेट प्रेमी आज तनमय श्रीवास्तव को सही से जानते नहीं होंगे।

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कभी विराट कोहली के साथ खेला उत्तर प्रदेश का यह होनहार क्रिकेटर अब बैट त्याग कर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अंपायरिंग करेगा। तनमय पहला ऐसा खिलाड़ी भी बन गया है, जो आईपीएल में खेला भी है और अंपायरिंग भी करने जा रहा है।

एक समय तनमय की गिनती उन खिलाड़ियों में होती थी, जिनके बलबूते भारत ने अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में जीत का परचम लहराया था। किस्मत कहें या धैर्य की कमी, मात्र 30 साल की उम्र में तनमय ने क्रिकेट किट टांग दी थी।
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साल 2008 की अंडर-19 टीम ने भारत को विराट कोहली, रविंद्र जडेजा, मनीष पांडेय, सिद्धार्थ कौल, सौरभ तिवारी जैसे खिलाड़ी दिए। इन सभी ने सीनियर टीम में जगह बनाई। विराट और जड़ेजा तो आज भी टीम इंडिया का हिस्सा हैं, लेकिन तनमय कुछ खास नहीं कर सके। बाकी साथी खिलाड़ियों की तरह तनमय को भी आईपीएल में मौका मिला।

आईपीएल के पहले दो सीजन तनमय किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से खेले। हालांकि, उनका प्रदर्शन ऐसा नहीं रहा, जिसे याद किया जाए। बाएं हाथ के ओपनिंग बल्लेबाज और सीधे हाथ के मध्यम तेज गेंदबाज रहे तनमय ने सात आईपीएल मैच खेले। उन्हें तीन पारियों में बैटिंग का मौका मिला। दो पारियों में वो नाबाद रहे और उन्होंने मात्र 8 रन बनाए। उनका अधिकतम स्कोर मात्र सात रन था। किसी भी मैच में उनसे गेंदबाजी नहीं कराई गई।

तनमय ने 90 प्रथम श्रेणी के मैचों में 4918 रन बनाए। उन्होंने अधिकांश क्रिकेट अपने गृह राज्य उत्तर प्रदेश के लिए खेला। शायद यही कारण रहा कि साल 2020 में तनमय ने मात्र 30 साल की उम्र में क्रिकेट से संन्यास ले लिया। रिटायरमेंट के समय तनमय ने कहा था कि उन्हें पता है कि वो भारतीय टीम के लिए कभी खेल नहीं पाएंगे। बेहतर है कि वो क्रिकेट से संन्यास ले लें।

7 नवंबर 1989 में कानपुर में पैदा हुए तनमय श्रीवास्तव का करियर शुरुआत में बेहद शानदार था। मात्र 16 साल की उम्र में उन्होंने भारत की अंडर-19 टीम की कप्तानी की, जिसमें विराट कोहली, मनीष पांडे और रविंद्र जडेजा जैसे खिलाड़ी शामिल थे, लेकिन 18 साल की उम्र में उनकी कप्तानी विराट कोहली को दे दी गई।

साल 2008 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में बनाए सबसे ज्यादा रन

साल 2008 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में तनमय श्रीवास्तव भारत की ओर से सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने थे। उन्होंने 262 रन बनाए। विशेषकर फाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ उनकी 43 रनों की पारी की बदौलत भारत टूर्नामेंट जीत सका था।

तनमय श्रीवास्तव के क्रिकेटिंग करियर को देखकर कहा जा सकता है कि वो प्रतिभावान खिलाड़ी तो थे, लेकिन समय और परिस्थिति ने उन्हें जल्दी संन्यास लेने पर मजबूर किया। वैसे, जिस धैर्य की खिलाड़ियों से उम्मीद की जाती है, वो तनमय नहीं दिखा सके।

तनमय श्रीवास्तव ने भले बैट उठकर रख दिया है, लेकिन अब वो मैदान पर अंपायरिंग करते जरूर नजर आएंगे। वो उन मैचों में भी अंपायरिंग कर सकते हैं, जिनमें उनके अंडर-19 टीम के साथी खिलाड़ी खेल रहे होंगे।

तनमय लड़ नहीं सके और जल्दी हार मान गए। दरअसल, समय सदैव एक जैसा नहीं रहता। धैर्य और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमें लड़ना नहीं छोड़ना चाहिए। अगर तनमय ने जल्दी हार नहीं मानी होती तो आज वो विराट और जड़ेजा के साथ मैदान पर विरोधियों के धक्के छुड़ा रहे होते।


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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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