संस्कृत के श्लोकों को भी समझते हैं लोग
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इस कार्यक्रम में ज़ब अभिनेत्री मालिन ने लोगों से पूछा कि कितने लोग घर पर रोज़ योग करते हैं तो हाथ ऊपर करने वाले विदेशी लोगों की संख्या हम भारतीयों से कोई कम नहीं थी। यानी यहां लोगों के लिए योग नया नहीं है। हमारे योग से उनका परिचय हो चुका है, और अब योग से रिश्ते को मज़बूत किया जा रहा है।
आश्चर्य तो तब हुआ जबकि संस्कृत में मंत्रोच्चारण करना और उनका मतलब भी कई एक को यहां पता था। जब मैंने किसी स्थानीय से संस्कृत के श्लोक का मतलब समझना चाहा तो उसने अंग्रेज़ी में इसे ठीक-ठाक समझा भी दिया, और बताया कि ऊँ की तरह ये भी शांति और एकाग्रता देने वाले हैं।
हमने पहले ही आपको बताया था कि केवल स्टॉकहोम में योग से जुड़ी संस्थाएं व संगठन तक़रीबन सौ से अधिक है। लेकिन बात यहीं ख़त्म नहीं होती। हाल के दिनों में यहां योग वेकेशन, योग ट्रेवल, योग समर, योग मेला जैसे कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। इनका उद्देश्य योग के अलग-अलग तरीक़ों से लोगों को रुबरू कराना है। लोगों को स्वस्थ रहने के गुण सिखाना है।
योग मेला लोगों के आकर्षण का केंद्र बना है।
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हालांकि योग मेले में जाने का ख़र्च कुछ कम नहीं है। योग के साथ भजन- कीर्तन, नृत्य -संगीत, सत्संग, भारतीय और ईटालियन स्वादिष्ट शाकाहारी भोजन जैसी चीज़ों के लिए अच्छी रकम ख़र्च करनी पड़ेगी। ऐसा ही एक नौ दिवसीय योग मेला 29 जून से स्वीडन में शुरू होने जा रहा है।
आयोजक बताते हैं कि इसमें भारत समेत दूसरे देशों से भी योग शिक्षक और गायक, अलग-अलग क्षेत्रों के कलाकार आ रहे हैं। यह मेला शहर के बाहर लगेगा। जहां ठहरने की व्यवस्था और नौ दिनों के लिए तमाम सुविधाओं व मनोरंजन का ख़्याल रखा जाएगा।
इस शिविर को गर्मी की छुट्टियों का आनंद उठाने और खुद को तरोताज़ा करने की व्यवस्था के रूप में भी देखा जा सकता है। बच्चों के साथ जाएंगे तो उनके मनोरंजन की व्यवस्था और अभिभावकों के योग के दौरान उन्हें व्यस्त रखने के तमाम इंतज़ाम किए गए हैं। लेकिन यहां नौ दिनों तक रहने के लिए एक व्यक्ति को क़रीब 50 हज़ार तक ख़र्च करना पड़ सकता है।
अगर रहने-सोने के लिए लग्ज़री टेंट की व्यवस्था चाहिए तो बजट पौन लाख तक बैठ सकता है। ऐसे ही कई कार्यक्रम यूरोप के अलग-अलग जगहों पर अगले कुछ दिनों में शुरू होने वाले हैं जिसका सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर जमकर प्रचार शुरू हो चुका है।
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