पूरी दुनिया में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। देश में इसको लेकर कई स्तरों पर वैक्सीन बनाने और उनके परीक्षण का काम भी चल रहा है। अभी फिलहाल रूस ने कोरोना की वैक्सीन बनाने का दावा किया है, लेकिन कई विकसित और विकासशील देश तकनीक और इनोवेशन के साथ कोरोना से मुकाबला कर रहे हैं।
यहां यह बात ध्यान देने की है कि किसी भी समस्या से निकलने में इनोवेशन एक कारगर हथियार की तरह प्रयोग होता है। साथ ही किसी देश या समाज के सर्वांगीण विकास में इनोवेशन या नवाचार का सबसे बड़ा योगदान होता है। गौर से देखा जाए, तो दुनिया के ताकतवर व समृद्ध देशों की सफलता का एक बड़ा कारण विश्वस्तरीय नवाचार ही है।
जीवन में बदलाव लाने वाली हर चीज एक नई खोज (इनोवेशन) है। अमेरिका, चीन, जापान, ब्रिटेन, स्वीडन, नीदरलैंड, यूके, फिनलैंड, डेनमार्क, सिंगापुर, जर्मनी और इजरायल आदि देशों की आर्थिक प्रगति को उनके बेहतर इनोवेशन से जोड़कर ही समझा जा सकता है। आज के समय में इनोवेशन के बिना बेहतर जिंदगी की कल्पना ही नहीं की जा सकती।
दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले और तेजी से आगे बढ़ रहे भारत को आज हर क्षेत्र में इनोवेशन की जरुरत है। इनोवेशन का ये प्लेटफॉर्म स्कूल-कॉलेज में भी पहुंच रहा है। वहीं दूसरी ओर देश के नामी संस्थानों में पढ़ने वाली युवाओं की जमात वैज्ञानिक शोध कार्य करने में भी लगी हुई है।
हालांकि इनोवेशन के लिए डीएसटी, सीएसआइआर, आइसीएआर, डीआरडीओं, नेशनल इनोवेशन फंड, सीआइआइ, आइआइटी जैसे संस्थान युवाओं को नए प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रहे हैं, ताकि युवाओं को देश के विकास के साथ भी जोड़ा जा सके।
लेकिन इतने बड़े देश के लिए सिर्फ इतना ही पर्याप्त नहीं है। इसलिए प्रतिभाओं को तलाश करके उसे इनोवेशन के लिए प्रोत्साहित करना होगा। तभी हमारे देश को दुनिया में एक अलग पहचान मिल सकेगी।
पिछले दिनों केंद्र सरकार द्वारा जारी नई शिक्षा नीति में भी इनोवेशन पर जोर दिया गया है। ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2019 की रिपोर्ट में भारत इनोवेशन के मामले में विश्व में 52वें स्थान पर था, जबकि एक साल पहले वह 57वें स्थान पर था। इससे स्पष्ट है कि भारत ने नवाचार या इनोवेशन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
इनफॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी सर्विस एक्सपोर्ट क्षेत्र में देश लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने समग्र रूप में कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अच्छी प्रगति की है।
यहां माध्यमिक शिक्षा से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक की शिक्षा ग्रहण करने वाले कुल छात्रों के मामले में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साइंस और इंजीनियरिंग शिक्षा में ग्रेजुएट तैयार करने के मामले में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। बंगलोर, मुंबई और दिल्ली तकनीकी शिक्षा के मायने में शीर्ष पर बने हुए हैं।
केंद्र सरकार चाहती है कि जब सभी राज्य आगे बढ़ेंगे तभी पूरे देश का विकास होगा। राज्यों के विकास में इस तरह की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए सरकार ने इंडिया इनोवेशन इंडेक्स की वेबसाइट शुरू की है। यह केंद्र सरकार की नई पहल है जिससे अब सभी राज्यों को वहां होने वाले इनोवेशंस के हिसाब से रैंकिंग दी जाएगी।
यह अपनी तरह की पहली वेबसाइट है, जहां ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (जीआईआई) के सूचनाओं और भारत केंद्रित विभिन्न राज्यों के आंकड़ों को साथ-साथ रखा जाएगा। नीति आयोग की वेबसाइट पर इस पोर्टल का लिंक होगा।
नीति आयोग के अनुसार इस वेबसाइट पर प्रदर्शित आंकड़े न सिर्फ जीआईआई के सापेक्ष आंकड़ों की कमी की पूर्ति करेंगे बल्कि इंडियन इनोवेशन इंडेक्स के प्राथमिक स्रोत भी होंगे। यह इंडेक्स भारत में राज्यों के बीच विकास की प्रतिस्पर्धा, इनोवेशंस और विकास की भावना को आगे बढ़ाने में भी मदद करेगा।