एक बार तो लगा, बांग्लादेश के आगे भारत का हाल पाकिस्तान जैसा न हो जाए, क्योंकि चेन्नई में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में भारत का टॉप ऑर्डर पूरी तरह विफल रहा। कप्तान रोहित शर्मा, शुभमन गिल और विराट कोहली बेहद सस्ते में चलते बने, लेकिन लोकल ब्वॉय रविचंद्रन अश्विन ने घर पर रविंद्र जड़ेजा के साथ मिलकर जो पारी खेली, उसने भारत को संकट से उभार दिया है।
रविचंद्रन अश्विन चेन्नई के रहने वाले हैं। यहीं पले-बड़े हैं। उनके पिता भी चेन्नई में क्रिकेटर थे और एक क्लब के लिए तेज गेंदबाजी किया करते थे। रविचंद्रन अश्विन ने खेल के लिए पढ़ाई से समझौता नहीं किया। उन्होंने आईटी में बी.टेक की डिग्री ली है। रविचंद्रन अश्विन को बतौर ऑल राउंडर भारतीय टीम में शामिल किया जाता है।
टेस्ट क्रिकेट में यदि बैटिंग की बात करें तो वो अब तक 100 टेस्ट मैचों में 3309 रन बना चुके हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 5 शतक और 14 अर्द्धशतक हैं। रविचंद्रन अश्विन टेस्ट क्रिकेट में 516 विकेट ले चुके हैं और सबसे कम पारियों में 300 विकेट लेने का रिकॉर्ड भी उनके नाम पर दर्ज है। रविचंद्रन अश्विन टेस्ट क्रिकेट में 10 बार मैन ऑफ द सीरीज रहे हैं, ऐसा कोई भारतीय खिलाड़ी आज तक नहीं कर सका है। ऐसा करने वाले वो दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी हैं।
6 फीट 2 इंच लंबे और 38 वर्षीय रविचंद्रन अश्विन का इंटरनेशनल करियर काफी लंबा है। जून 2010 को उन्होंने अपना पहला वनडे मैच खेला था। इसी महीने उन्होंने टी-20 में पदार्पण किया, लेकिन टेस्ट मैच खेलने के लिए उन्हें थोड़ा इंतजार करना पड़ा। रविचंद्रन अश्विन ने अपना पहला टेस्ट मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ नवंबर 2011 में खेला।
रविचंद्रन अश्विन के शतक और रविंद्र जडेजा के अर्द्धशतक की बदौलत भारत चेन्नई टेस्ट में थोड़ी मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है। यदि यह दोनों बल्लेबाज कुछ और देर पिच पर जमे रहेंगे तो भारत बड़ा स्कोर खड़ा कर सकता है। सच में रविचंद्रन अश्विन केवल गेंद के जादूगर नहीं हैं, बल्कि वो बल्ले से भी जादू करना जानते हैं।
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