समाज वहशीपन का शिकार हो रहा है। समाज में असहिष्णुता का विकास हो रहा है। समाज में बढ़ती बेरोजगारी, अशिक्षा, नैतिक मूल्यों का पतन आदि बुराइयां ही दरिंदगी और वहशीपन का कारण हैं।सरकार को हायर एजुकेशन ,प्राइमरी एजुकेशन ,मिडिल एजुकेशन सिस्टम में नैतिक शिक्षा के विषय का प्रावधान करना चाहिए। भारत सरकार को प्रत्येक जिले के बस स्टैंड,रेलवे स्टेशन,टैक्सी स्टैंड,टोल प्लाजा,हाई वे आदि मुख्य जगहों पर नैतिक मूल्यों से सम्बंधित कोटेशन के बैनर और पोस्टर लगवाने चाहिए।
सच्ची मानवता तब जन्मेगी- जब दुनिया से कोहरा व कुहासा मिटेगा,जब दुनिया में प्रकाश बेरोकटोक आएगा ,जब दुनिया से वहशीपन मिटेगा,जब उगता सूरज सारे अंधेरे को लील जाएगा, सारे तारों -सितारों को फीका कर देगा, शेर की गर्जन से हिरण जान बचाकर नहीं भागेंगे, शेर पर भरोसा होगा तब इस दुनिया से बुराई का अंधकार छट जाएगा।
बलात्कार आए दिन हो रहे हैं। क्या बलात्कार की घटनाएं अनवरत शोध का विषय बनेगी। बलात्कारियों को तुरंत सजा का प्रावधान होना चाहिए तभी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना सफल हो पाएगी। वरना यह योजना कागजों तक ही सीमित रह जाएगी।
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