हर वह चीज जिसकी शुरुआत होती है, उसका अंत भी होता है। पृथ्वी के साथ भी यही होगा, लेकिन विज्ञान की मानें तो फिलहाल पृथ्वी पर कोई संकट नहीं है। वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, पृथ्वी का अंत इस पर मौजूद अंतिम जीवित प्राणी के खत्म होने के भी अरबों वर्ष बाद होगा। कैलिफोर्निया के पांच वर्षीय बच्चे सोलोमन ने मुझसे सवाल किया कि क्या पृथ्वी हमेशा रहेगी? पृथ्वी और ग्रह वैज्ञानिक होने के नाते मैंने उससे कहा कि हमें अपने ग्रह के भविष्य से पहले इसके इतिहास को जान लेना ठीक होगा कि यहां जीवन कब आया।
ऑक्सीजन नहीं थी, तो फिर यह पृथ्वी पर आई कैसे?
पृथ्वी की अपेक्षा मानव का इतिहास बहुत छोटा है। करीब 4.6 अरब वर्ष पहले अंतरिक्ष में गैस और धूल के विशाल बादलों से हमारे ग्रह का निर्माण हुआ, जिसे नेबुला कहते हैं। संभवतया 4.4 अरब वर्ष पहले पृथ्वी की सतह पर पहले महाद्वीप का निर्माण हुआ होगा। वर्तमान में पृथ्वी पर करीब 21 फीसदी ऑक्सीजन है, परंतु इसके निर्माण के वक्त ऑक्सीजन नहीं थी। यदि उस वक्त इन्सान पृथ्वी पर होता, तो उसका जीवन मुश्किल हो जाता है, क्योंकि मनुष्य समेत अनेक जीवों को ऑक्सीजन की जरूरत होती है। सवाल यह है कि तब ऑक्सीजन नहीं थी, तो फिर यह पृथ्वी पर आई कैसे?