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होली ऐसी भीः यहां मुहूर्त नहीं छुट्टी के मुताबिक मनाई जाती है होली

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स्वीडन का हिंदू मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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यह जरूरी नहीं कि होली का त्योहार फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि और उसके दूसरे दिन ही मनाया जाए। विदेशों में अमूमन होली उसी दिन मनाई जाती है जिस दिन सार्वजनिक छुट्टी होती है। यही हाल स्वीडन का भी है। यहां सप्ताहांत पर होली मनाने की परंपराशुरू हो चुकी है। राजधानी स्टॉकहोम समेत तीन महत्वपूर्ण शहर गौतनबर्ग और माल्मो में होली का उत्सव इस बार शनिवार को मनाया जाएगा। यहां रहने वाले भारतीयों ने होली पूजन, गुलाल खेलने और होली मिलन के लिए इसी दिन को तय किया है। ठीक यही हाल अमेरिका के कैलिफोर्निया और सेंट फ्रांसिस्को शहर का भी है।

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दिलचस्प यह है कि स्टॉकहोम में होलिका दहन और होली उत्सव दोनों एक ही दिन में मनाया जाएगा। होलिका दहन भारतीय रीति के मुताबिक फाल्गुन पूर्णिमा की रात में नहीं होगी बल्कि तीन दिन बाद शनिवार दोपहर का समय तय किया गया है। यहां के हिंदू मंदिर सोसाइटी में वृहद पैमाने पर मनाये जाने वाले इस त्योहार के लिए 23 मार्च दोपहर एक बजे से तीन बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। इसी बीच होलिका दहन, होली मिलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।

हिंदू मंदिर के पुजारी पंडित आशीष शर्मा मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से हैं। वे 2014 से यहां सेवा भाव में लगे हुए हैं। लेकिन स्टॉकहोम में हिंदू मंदिर बीस सालों से है। वे बताते हैं कि यहां भगवान के विवाह उत्सव और जन्मोत्सव को ही निश्चित तिथि या मुहूर्त के हिसाब से मनाया जाता है। मसलन कृष्णाष्टमी, रामनवमी, शिवरात्रि जैसे तीज त्योहार।
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लेकिन दूसरे त्योहारों को मनाने की तिथि आगे बढ़ा दी जाती है। दशहरा, दीपावली और होली जैसे दूसरे उत्सव मनाने के लिए छुट्टी के दिनों या फिर सप्ताहांत का समय तय किया जाता है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें शामिल हो सके। आशीष शर्मा कहते हैं कि ऐसा करना यहां की जरूरत बन चुकी है क्योंकि यहां की ज्यादातर महिलाएं और पुरुष दोनों कामकाजी हैं। 95 फीसदी से ज्यादा महिलाएं पुरुषों की बराबरी में काम करती हैं।

इसलिए किसी पर्व त्योहार को सभी की छुट्टियों का ख्याल रखते हुए मनाया जाता है। हालांकि वे खुद मुहूर्त को मानते हैं और इसके मुताबिक धार्मिक क्रियाएं पूरा करते हैं। वे कहते हैं कि धार्मिक कर्मों को मुहूर्त के हिसाब से करने के लिए उनके पास समय है। इसलिए वे ऐसा करने में सक्षम हैं। लेकिन इसकी अपेक्षा यहां सभी से नहीं करनी चाहिए।

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