सिनेमा में शिव पर आधारित फिल्में और संगीत
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शिव के इर्द-गिर्द हिन्दी सिनेमा
हिन्दी सिने प्रेमियों को सबसे पहले याद आएगा गाना, ‘जय जय शिव शंकर, कांटा लगे न कंकर...’। शिव की बात हो और भांग न घुटे यह कैसे हो सकता है, सो यहां फिल्म ‘आपकी कसम’ में एक जमाने के सर्वप्रिय अभिनेता राजेश खन्ना और फिल्म की नायिका मुमताज ने भांग चढ़ा ली है। खूबसूरत हिमालय और उसकी वादी में फिल्माया गया यह गीत खूब चला और आज भी बराबर सुनाई देता है।
1974 में बनी यह फिल्म निर्देशक जे. ओम प्रकाश की पहली फिल्म थी। इसमें राजेश खन्ना, मुमताज के अलावा संजीव कुमार, रहमान, असरानी तथा ए. के. हंगलने भी काम किया है। संगीत आर. डी. बर्मन का है और उन्हें इस फिल्म केलिए फिल्मफेयर नामांकन मिला था। गीतकार आनंद बख्शी का रचा यह गीत उस साल बिनाका गीतमाला की वार्षिक सूची में दूसरे नंबर पर रहा।
शोले फिल्म की यादें आज भी ताजा
शोले फिल्म के संवादों ने एक नया इतिहास कायम किया। इससे पहले फिल्म के संवाद के कैसेट शायद ही बिके, शायद ही खरीदे और बजाए जाते थे। एक-एक संवाद लोगों को जबानी याद हो गया था। अब जब संवादों की बात हो रही है तो भुलक्कड़,चुलबुली हेमामालिनी यानि बसंती का वो डॉयलॉग याद करें जब उसे मंदिर जाना था लेकिन डाकिए का चश्मा देने वह इमाम साहब के यहां चली आती है और थोड़ी बकबक करने के बाद उसे मंदिर की याद आती है।
तांगेवाली पूजा की थाली लिए मंदिर पहुंचती है। वह मौसी के कहे पर सोमवार के सोमवार शिवजी के मंदिर में माथा टेकने पहुंचती है, ताकि ऐसा पति मिले कि दुनिया जले। मगर उसके नंदी (शिव की सवारी) को माथा टेकने से पहले धर्मेंद्र विशाल शिव मूर्ति के पीछे पहुंच कर शिवजी के रूप में कन्या को संबोधित कर बताता है कि उसके होने वाले पति का नाम वीरू है। वह मौसी को बता दे। वह बोल रहा है तभी जय (अमिताभ बच्चन) बसंती को मंदिर के पीछे ले जाकर उसे सच्चाई से परिचित कराता है और दर्शक हंस-हंस कर बेहाल हो जाते हैं।
जैसे शिव कथा अनंत है वैसे ही फिल्मों में शिव और शिव संबंधित अनंत गीत हैं। फिल्म ‘बाहुबली’ का एमएम करीम का लिखा कैलास खेर और मौनिमा के खुले गले से गाया गीत ‘कौन है वो...’, प्रभास का शारीरिक सौष्ठव गीत को नई ऊर्जा और शक्ति प्रदान करता है। और हिन्दी फिल्म ‘लक्ष्मी’ का अक्षय कुमार पर फिल्माया गीत ‘बमभोले’। शायद हिन्दी में अबतक का शिव का एक सबसे अच्छा गीत है। इसमे अक्षय कुमार का ऊर्जा भरा डॉन्स गाने की बीट्स के बिल्कुल साथ-साथ चलता है। इसे वायरस ने गाया है और गीत लिखा है उल्लुमिनाती ने। एक बार सुनने पर गीत आपके भीतर काफ़ी देर चलता रहता है।
और जरा सुनिए ‘मणिकर्णिका’ फिल्म का ‘शिव तांडव’ मंत्रोच्चारण! झाँसी की रानी (कंगना रनौत) गोरों को काट रही है और ‘शिव तांडव’ मंत्रोच्चारण चल रहा है। उसे अपने बालक को भी बचाना है। शंकर एहशान लॉय का संगीत और शंकर महादेवन की आवाज (कोरस के साथ) आपको हिला कर रख देती है।
इसी तरह फिल्म ‘पानीपत’ का अर्जुन कपूर तथा कृति सेनन पर फिल्माया गीत, ‘तेरे मन में शिवा, मेरे मन में शिवा, सांसों में शिवा, प्राणों में शिवा’ मराठा उत्सव को प्रदर्शित करता है। जावेद अख्त्तर ने यहां भाग्वान शंकर तथा छत्रपति शिवाजी महाराज के गुणगान का मिश्रण किया है। इसे कई लोगों ने मिलकर गाया है।
शिव और शिव से जुड़ी तमाम फिल्में हैं, ढ़ेर सारे गाने हैं। इन्हें सुनिए और इनकी शक्ति का अनुभव कीजिए, इनकी सुंदरता का आनंद लीजिए।
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