सिनेमा में अद्भुत प्रयोग
रीना यंग की सफलता और उनके नाम का एक कारण उनका लोगों से व्यवहार है। वे लोगों से बहुत अच्छा व्यवहार करती हैं, विचार साझा करती हैं, दूसरों की बात सुनती हैं। उनका कहना है कि उन्होंने तकनीक कुशलता और सिनेमाटोग्राफी की कुशलता के साथ एक बहुत महत्वपूर्ण बात सीखी है, वह है, लोगों से सलूक करना।
फिल्म अथवा टीवी सेट पर जो प्रमुख प्रकाश तकनीशियन होता है, उसे फिल्मी भाषा में ‘गाफर’ कहते हैं। गाफर की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। गाफर लाइटिंग की योजना बनाता है। लाइट सेटअप करता है, जरूरत के अनुसार उपकरणों का इंतजाम करता है। लाइट का एडजस्टमेंट करना उसका काम है, सुरक्षा का दायित्व उसका होता है। रीना हर कदम पर अपने गाफर से सलाह-मशवरा करती हैं। संवाद का नतीजा बेहतर परिणाम होता है। वे मेकअपमैन, हेयरड्रेसर, कोस्ट्यम पर्सन सबसे तालमेल रखती हैं।
वे अधिकतर हैंडहेल्ड कैमरे का प्रयोग करती हैं, जरूरत पड़ने पर डौली का प्रयोग भी करती हैं। जब लम्बे समय तक कैमरा प्रयोग करना होता है तो ईजीरिग का प्रयोग करती हैं। अधिकांश समय रीना एलईडी का उपयोग करती हैं। वे पोस्ट प्रोडक्शन में भी खूब मेहनत करती हैं।
फिल्म ‘फायर इनसाइड’
‘फायर इनसाइड’ फिल्म दो बार ओलम्पिक बॉक्सर विजेता क्लैरेसा शील्ड्स की जीवनी है। इस फिल्म के सिनेमाटोग्राफर के रूप में रना यंग ने मिशिगन के भयंकर ठंड को सच में पकड़ा है। साथ ही वे बॉक्सिंग मैच की बारीकियों, दर्शकों की प्रतिक्रिया को पकडने में कामयाब रह हैं। 55 मिनट की टीवी पर दिखाई ‘यूफोरिया’ एक ड्रग एडिक्ट रुए बेनेट की कहानी है, जो हाल में रिहैबिलिटेशन सेंटर से लौटी है और लत से दूर रहने का प्रयास कर रही इसे 9 प्राइमटाइम एमी पुरस्कार मिले। है।
उनकी चर्चा सब ओर है, उनका काम हर स्थान पर नजर आ रहा है। वे 12 घंटे काम करते हुए जीवन को संतुलित करने की कला जानती हैं। अभी सिने-जगत को रीना यंग से बहुत उम्मीद है।
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