विश्व सिनेमा के मशहूर निर्देशक
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रोजर एबर्ट कहते हैं कि ऊजान पैल्सी मुझे महान निर्देशक का उदाहरण लगती हैं, जो कहीं से आ सकती हैं- लेकिन उसे मालूम होना चाहिए कि वह महान है और उन्हें विश्वास करना चाहिए कि वह महान है। ऊजान मानती-जानती हैं कि वे महान हैं, उन्होंने अकेले लड़ाई लड़ी है और अपना स्थान बनाया है।
फिल्म ‘ए ड्राई व्हाइट सीजन’
एक साक्षात्कार में वे कहती हैं, उन्होंने अपने लोगों को सिने-मानचित्र पर स्थापित करने हेतु चीते की भांति लड़ाई की है। यह बहुत कठिन था, मगर उन्हें खुद पर विश्वास है कि वे कर सकती हैं और उन्होंने कर दिखाया। 1983 में वे मात्र 25 साल की थीं जब उन्होंने हॉलीवुड के एक सबसे बड़े स्टूडियो एमजीएम के पैसों से फीचर फिल्म बनाई और सिने-इतिहास में सदा के लिए दर्ज हो गईं क्योंकि वे पहली अश्वेत स्त्री सिने-निर्देशक हैं जिसकी फिल्म हॉलीवुड ने प्रड्यूस की। फिल्म ‘ए ड्राई व्हाइट सीजन’ 1989 में रिलीज हुई। मैंने यूट्यूब पर नायाब इस फिल्म को देखा। आपको भी देखने की सलाह दूंगी।
उस समय यह हिम्मत का काम है, एक अश्वेत निर्देशक द्वारा श्वेत-अश्वेत दोनों अभिनेताओं को निर्देशित करना। ऊजान ने यह कर दिखाया और ऐसा किया कि अश्वेत दर्शक तो आए ही श्वेत दर्शकों एवं समीक्षकों ने भी जम कर प्रशंसा की। फिल्म को ऑस्कर का नामांकन मिला। यह साउथ अफ्रीका में रंगभेद नीति के समय हुई हिंसा एवं अत्याचार को दिखाती फिल्म ऐतिहासिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है।
एक व्यक्ति यदि ठान ले तो कितना कुछ कर सकता है। ये सही है कि परिवर्तन हेतु बहुत लोगों को आहूति देनी पड़ती है, लेकिन बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाता है। रंगभेद नीति के खिलाफ आंदोलन में कुछ श्वेत भी शामिल थे, भले ही उनकी संख्या कम थी मगर इसे रेखांकित किया जाना चाहिए, फिल्म ‘ए ड्राई व्हाइट सीजन’ इसे रेखांकित करती है।
फिल्म में डोनाल्ड सदरलैंड, मैर्लिन ब्रैंडो, सुसैन सारंडन जैसे श्वेत कलाकार हैं तो जैक्स मोके एवं विंस्टन न्शोना जैसे अश्वेत अभिनेता भी।
1992 में उन्होंने करीब दो घंटे की फिल्म ‘सिमेओन’ बनाई, जिसने चार पुरस्कार जीते। इस फिल्म में एक संगीत टीचर का भूत एक युवा मैकेनिक को संगत में कैरियर बनाने की ओर ले जाता है। ऊजान पैल्सी के साक्षात्कार यूट्यूब पर उपलब्ध हैं। खासकर उनका 2023 का वक्तव्य अवश्य देखा जाना चाहिए। यह कथन उन्होंने ऑनरेरी ऑस्कर ग्रहण करते समय किया है।
2023 में उन्हें ऑस्कर प्रदान करते हुए कहा गया, ‘एक मास्टरफुल फिल्ममेकर जिसने अश्वेत स्त्री सिने-निर्देशकों केलिए राह खोली और दुनिया के हर कोने के हर तरह के कहानी कहने वालों को प्रेरित किया।’
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