पैरामाउंटन ने ही अगले साल उन्हें सवाक फिल्म ‘मैनहट्टन कॉकटेल’ का बतौर निर्देशक दायित्व दिया। इस तरह वे सवाक फिल्मों की पहली महिला निर्देशक बन इतिहास में दर्ज हो गईं।
उनके स्क्रीनप्ले सफल होते थे क्योंकि उन्हें स्त्री मनोविज्ञान की खासी समझ थी, साथ ही स्त्रियों से उनकी खूब पटती थी। लेकिन उन्होंने एडवेंचर एवं वेस्टर्न एक्शन फिल्मों की पटकथा लिखी और वे भी सराही गईं। उन्होंने अधिकतर स्त्री मेलोड्रामा श्रेणी की फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी निर्देशित फिल्में स्त्री के बारे में, उनके जीवन तथा उसके संबंधों के विषय में होती थीं।
‘स्त्री होने के नाते मुझे किसी ने परेशान नहीं किया'
फिल्म उद्योग के स्त्री-पुरुष दोनों से सहयोग की कुशलता और प्रतिभा डोरोथी में थी। अक्सर हम सुनते हैं, स्त्री को काम करने में बहुत अड़चन आती है, पुरुष सहयोग नहीं करते हैं। ऐसे में डोरोथी अर्जनर का कथन ध्यातव्य है, वे कहती हैं, ‘स्त्री होने के नाते मुझे किसी ने परेशान नहीं किया। औरतों से अधिक मर्द सहायक थे।’ असल में आपका अपना व्यवहार अधिक महत्वपूर्ण होता है।
उन्होंने पैरामाउंट पिक्चर्स के लिए कई सफल फिल्में बनाईं, मगर महामंदी के दौरान पैरामाउंट पिक्चर्स के पैर उखड़ने लगे और जब पैरामाउंट ने कर्मचारियों का वेतन काटने का निश्चय किया तो डोरोथी अर्जनर ने फ्रीलांस काम करना तय किया। आरकेओ रेडियो पिक्चर्स ने उन्हें ‘क्रिस्टोफर स्ट्रॉग’ निर्देशित करने केलिए रखा। इस फिल्म की नायिका युवा मगर बहुत जिद्दी स्टार कैथरीन हेबर्न थीं।
चूंकि निर्देशक और अभिनेत्री दोनों मजबूत व्यक्तित्व की मालकिन थीं, अत: शुरू में तनाव होना ही था। कोई पीछे हटने को राजी न था। कैथरीन ने स्टूडियो से शिकायत की, पर स्टूडियो ने निर्देशक के पक्ष में निर्णय दिया। डोरोथी ‘वीमेन’स पिक्चर्स’ की डॉरेक्टर के रूप में जानी जाती थीं। अंतत: दोनों साथ काम करने को सहमत हो गईं। काम किया पर दोनों का व्यवहार ठंडा बना रहा, दूरी बनी रहीं। हालांकि दोनों एक-दूसरे की प्रतिभा का आदर करती थीं।
डोरोथी अर्जनर के साथ एक और प्रथम जुड़ा हुआ है। 1933 में जब द डॉयरेक्टर्स गिल्ड ऑफ अमेरिका की स्थापना हुई तो वे उसकी पहली महिला सदस्य बनीं। असल में कई वर्षों तक वे उसकी एकमात्र स्त्री सदस्य थीं। वे स्वयं को केवल निर्देशक मानती थीं, उन्हें स्त्री निर्देशक कहलाने से परहेज था। वे समलैंगिक थीं और पुरुषों की पोशाक धारण करती थीं, कुछ लोगों का कहना था, वे हॉलीवुड की पुरुष बहुल दुनिया में समाहित होने केलिए पुरुष वेश धारण करती थीं।
डोरोथी अर्जनर ने ऊपर लिखित फिल्मों के अलावा ‘मेरिली वी गो टू हेल’, ‘एनिबडी’ज वूमेन’, ‘द वाइल्ड पार्टी’, ‘द लास्ट ऑफ मिसेज शिने’, ‘द ब्राइड वोर रेड’, ‘गेट योर मैन’, ‘डॉन्स, गर्ल, डॉन्स’ आदि फिल्मों का निर्देशन किया।
डोरोथी ने पेप्सी कमर्शियल्स का भी निर्देशन किया। 1 अक्टूबर 1979 को कैलिफोर्निया में उनकी मृत्यु हुई।
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