‘सिस्टर अल्फांसो ऑफ भरणंगानम’ एवं ‘अम्मा अरियन’ के अलावा बीना पॉल ने ‘पडिपुरा’, ‘जन्मदिनं’, ‘अग्निसाक्षी’ का संपादन किया है। बीना ने रेवती, सुमा जोसन, पामेला रूक्स तथा शबनम विरमानी जैसी स्त्री सिने-निर्देशकों के साथ भी काम किया है। रेवती की फिल्म ‘मित्र, माई फ्रेंड’ का पूरा निर्माण कार्य स्त्रियों ने संभाला, जाहिर-सी बात है बीना ने इस फिल्म का संपादन किया। फिल्म को दो राष्ट्रीय रजत पुरस्कार प्राप्त हुए।
एक सर्वोतम अभिनेत्री के रूप में शोभना तथा दूसरा सर्वोत्तम एडिटर के रूप में बीना पॉल की झोली में आया और फिर अगले साल उन्हें नॉन-फीचर फिल्म ‘उन्नी’ हेतु दूसरा नेशनल पुरस्कार प्राप्त हुआ (इस पुरस्कार का सत्र मुझे कहीं नहीं मिला)। बीना पॉल ने टेलीविजन के लिए भी कार्य किया है और उन्हें, ‘सायं’ 2000 तथा ‘बायोस्कोप’ 2008 के लिए सर्वोत्तम एडिटर का केरल स्टेट एवॉर्ड प्राप्त हुआ है। बीना पॉल ने अपने साथी वेणुगोपाल की फिल्मों यथा ‘दया’, एवं ‘कार्बन’ का भी संपादन किया है।
एम.टी. वासुदेवन नायर की कहानी पर बनी फिल्म ‘दया’ मध्य-पूर्व में इस्लाम पूर्व की कथा है। दया नामक बहुत बहादुर एवं बुद्धिमान गुलाम लड़की अपने मालिक के बेटे की मुसीबत में सहायता करती है। लड़का अपनी जीवन शैली के कारण अपनी तमाम सम्पत्ति खो चुका है। मंजु वारियर, नेडुमुडि वेणु तथा केपीएसी ललिता ने इस फिल्म में भूमिकाए की हैं।
फिल्म ‘दया’ के लिए मिला सर्वोत्तम एडिटर पुरस्कार
1998 की वेणुगोपाल निर्देशित फिल्म ‘दया’ हेतु बीना को सर्वोत्तम एडिटर का केरल राज्य का पुरस्कार प्राप्त हुआ। वेणुगोपाल निर्देशित फिल्म 2014 की ‘मुन्नरियिप्पु’ केलिए उन्हें एशियानेट का सर्वोत्तम संपादन का पुरस्कार मिला। इस दो घंटे फिल्म में फ्रीलान्स जर्नलिस्ट अंजलि की मुलाकात एक कैदी सी. के. राघवन से होती है। राघवन ने जो अपराध नहीं किया है, उसकी सजा वह भोग रहा है। उसके विचार दूसरों से बहुत भिन्न हैं और यही अंजलि के आकर्षण का कारण बनता है, वह उसकी प्रसन्नता और जिंदगी का दस्तावेजीकरण करती है।
‘हेडमास्टर’, ‘समटाइम’, ‘कय्योप्पु’ (हस्ताक्षर), ‘मेघमल्हार’, ‘स्थिति’, ‘मार्गम’, ‘कामिल’, ‘द डिजायार’, ‘कर्मयोगी’ आदि उनके द्वारा संपादित कुछ अन्य फिल्मों के नाम हैं। तम्बाकू, वृद्धों की रेखभाल, मधुमेह रोग के मैनेजमेंट जैसे सामाजिक उत्थान कार्यों से जुड़ी फिल्म कैम्पेन में संलघ्न बीना पॉल से अभी फिल्म जगत को काफी उम्मीदें हैं।
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