ऑस्ट्रेलिया के इस स्क्रीनप्ले लेखक का जन्म 1951 में मेलबर्न में हुआ था और इधर काफी समय से वे लीवर के कैंसर से जूझ रहे थे। स्क्रीनप्ले के साथ-साथ उन्होंने दो फ़िल्मों का निर्देशन भी किया। मंगलवार 25 नवम्बर 2025 को उनकी मृत्यु हो गई। पूरी ऑस्ट्रेलियन फ़िल्म इंडस्ट्री ने उनके गुजरने का दु:ख मनाया।
जेराल्ड ली ऑस्ट्रेलिया के एक सबसे प्रसिद्ध कहानीकार थे। उन्होंने न्यूज़ीलैंड की फ़िल्म निर्देशक जेन कैम्पेन के साथ काम किया। टीवी सिरीज ‘
टॉप ऑफ़ द लेक’ के लेखन का कार्य उन्होंने जेन कैम्पेन के साथ मिल कर किया। इसके सीजन 2 ‘
चाइना गर्ल’ में निकोल किडमैन ने मुख्य भूमिका की। ली एवं किडमैन दोनों कान फ़िल्म समारोह में इस सीजन के प्रिमीयर केलिए गए थे।
उनके लेखक मित्र क्रैग मुनरो ने ‘मेरा दोस्त, उपन्यासकार एवं स्क्रीनराइटर जेराल्ड ली पिछली रात लिवर कैंसर के इलाज के दौरान गुजर गया।’ कहते हुए सोशल मीडिया पर उनके गुजरने की पुष्टि की। दोनों किशोरावस्था में कैडेट जर्नलिस्ट के रूप में ब्रिसबेन में पहली बार मिले थे। बाद में क्रैग ने अपने सबसे पुराने दोस्त ली की पाँच किताबें प्रकाशित कीं, जिसमें जेन कैम्पेन की पहली फ़ीचर फ़िल्म ‘स्वीटी’ का स्क्रीनप्ले भी शामिल है। इसे जेन एवं जेराल्ड ने मिल कर लिखा है। फ़िल्म ‘
स्वीटी’ को तीन पुरस्कार मिले जिसमें ऑस्ट्रेलिया फ़िल्म इंस्ट्यूट का सर्वोत्तम स्क्रीनप्ले पुरस्कार भी शामिल है, जिसे दोनों ने ग्रहण किया। फ़िल्म क्राइटेरियन कलेक्शन का हिस्सा है। क्रैग उन्हें मजाकिया एवं मनमौजी के रूप में याद करते हैं, जिसका संग-साथ उन्हें बहुत अच्छा लगता था।
टेलिविजन एवं रेडियो स्कूल से राइटिंग कोर्स
ऐसे यारबाज जेराल्ड ली ने 1981 में ऑस्ट्रेलिया फ़िल्म, टेलिविजन एवं रेडियो स्कूल से शिक्षा प्राप्त के। जेन कैम्पेन उनकी सहपाठिन थीं। बाद में दशकों तक दोनों का प्रोफ़ेशनल साथ बना रहा। देखिए वे अपने इस स्कूल के विषय में क्या कहते हैं, ‘1980 में मैंने राइटिंग का कोर्स ऑस्ट्रेलिया फ़िल्म, टेलिविजन एवं रेडियो स्कूल से किया। कीथ थॉम्पसन मेरे टीचर एवं जेन कैम्पेन मेरी गर्लफ़्रैंड थी। यह महत्वपूर्ण साल था। मैंने इयान डेविड, पॉल होगन, जोसलीन मूरहाउस जैसे कितने दोस्त बनाए। तकनीक और क्राफ़्ट में नए प्रयोग के बहुत सृजनात्मक पल थे। नए-नए विचार जन्म ले रहे थे। आपका दिमाग दूसरों के दिमाग के साथ घुलमिल रहा था। दूसरे साथियों के साथ मिल कर सृजन में अपना सहयोग कर रहा था।
टाॅप ऑफ द लेक को प्राइमटाइम एमी पुरस्कार
‘
टॉप ऑफ़ द लेक’ (2013) में एक अनुभवहीन जासूस (रोबिन ग्रिफ़िन) बारह साल की खो गई गर्भवती लड़की तुई मिशाम की तलाश में है। तुई स्थानीय ड्रग लॉर्ड की बेटी है। वह स्थानीय लोगों के साथ-साथ अपने श्याम अतीत से भी जूझ रही है। इस मनोवैज्ञानिक थ्रिलर में एलिसाबेथ मोस, डेविड वेनहैम, पीटर मुलान ने भूमिकाएँ की हैं। इसे सिनेमाटोग्राफ़ी के लिए प्राइमटाइम एमी पुरस्कार प्राप्त हुआ था। सेकैंड सीजन का टॉप ऑफ़ द लेक: चाइना गर्ल’ वह पहला टीवी प्रोजेक्ट था जिसे परा-का-पूरा कान फ़िल्म समारोह में प्रदर्शित किया गया था।
13 मिनट की लघु फिल्म बनाई
अपने चार दशक के स्क्रीनराइटर काल में ली ने कई दिग्गज प्रोडक्शन में भाग लिया। 1983 में जेराल्ड ली ने 13 मिनट की एक लघु फ़िल्म ‘
पैशनलेस मोमेंट्स’ जेन कैम्पेन के साथ निर्देशित की। इसका लेखन भी उन्होंने जेन कैम्पेन के साथ मिल कर किया। इसमें इन लोगों ने दिन-प्रतिदिन के कुछ फ़ूहड़ और शर्मिंदा करने वाले पलों को कैद किया है, प्रत्येक पल जाना पहचाना है साथ ही खूब परिचित भी। एक पुरस्कार प्राप्त इस लघु फ़िल्म में इन्होंने अभिनय के लिए डेविड बेन्टन, एनी बेरिमैन और एलान ब्राउन को लिया है।
ब्रेथ’ को मिले 9 पुरस्कार
जेराल्ड ली की प्रतिभा एवं विट की तारीफ़ करती हुई ऑस्ट्रेलिया की मीडिया शिक्षा से जुड़ी कैथरीन लंबाई उन्हें एक ‘डिवाइन मैन’ कहती हैं। कई साहित्यिक एवं इतर विधाओं में लिखने वाले जेराल्ड ली खासतौर पर 2017 के ‘ब्रेथ’ लेखन के लिए जाने जाते हैं। जैसाकि हम जानते हैं, कई बार स्क्रिप्ट लेखन टीम वर्क होता है, ली ने भी इसे सिमोन बैकर एवं टिम वाट्सन के साथ मिल कर लिखा। टिम वाट्सन के इसी नाम ‘ब्रेथ’ के उपन्यास के वे प्रमुख स्क्रीनप्ले राइटर हैं। इसका निर्देशन सिमोन बैकर ने किया है। सिमोन बैकर ने इसमें भूमिका भी निभाई है। सिमोन के साथ इस करीब दो घंटे की फ़िल्म में बेन स्पेंसर तथा सैमसन कौल्टर भी हैं। फ़िल्म को 9 पुरस्कार मिले। एक किशोर की सर्फ़िंग में रूचि जागती है। वह और उसका एक दोस्त एक बूढ़े के साथ एक असंभावित-सी दोस्ती गांठते हैं।
1990 का उनका उपन्यास ‘
ट्रॉपो मैन’ खूब प्रसिद्ध हुआ था। बहुमुखी प्रतिभावान कवि, संगीतज्ञ, स्कॉलर जेराल्ड ली ने 16 वर्ष की उम्र से द टेलिग्राफ़ के लिए लिखना प्रारंभ कर दिया था। मीडिया की पढ़ाई के पहले उन्होंने क्विन्सलैंड यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त की थी। उनका दो उपन्यास, एक कहानी संग्रह, एक यात्रा कहानियों का संग्रह प्रकाशित है। उपन्यास ‘ट्रोपो मैन’ बाली में स्थापित है, यह वोगेल’स यंग राइटर्स अवार्ड के लिए शॉर्टलिस्टेड हुआ था।
फिल्मों का निर्देशन किया
उन्होंने 1995 की फ़िल्म ‘ऑल मेन आर लायर्स’ का निर्देशन किया। इसका लेखन भी स्वयं जेराल्ड ली ने किया है। यह डेढ़ घंटे की फ़िल्म क्वीन्सलैंड के खेतों में अवस्थित है। इसमें माइक (डेविड प्राइस) का पिता बेरी (जॉन जेरेट) पारिवारिक पियानो बेचता है और इस कारण माइक की मां आइरिन घर छोड़ती है। पियानो वापस खरीदने के लिए माइक अपनी माँ के कपड़े पहनता है और ‘ऑल गर्ल’ बैंड में शामिल होकर वार्षिक कृषि उत्सव के लिए शहर आता है। बैंड की लीडर एंजेला (टोनी पीरेन) अपनी यौनिकता पर प्रश्न खड़े करती है जब उसका झुकाव माइक/मिशेल की ओर होने लगता है।
फ़िल्म पहली बार 1995 के सिडनी फ़िल्म समारोह में और बाद में कई अन्य समारोह में प्रदर्शित हुई। इसने कई पुरस्कार जीते। जर्नलिस्ट फ़िल ब्राउन उन्हें किंवदंती कहते हैं। ऐसे जेराल्ड ली ने 2014 में पौने दो घंटे की फ़िल्म ‘माई मिस्ट्रेस’ का न केवल स्क्रनप्ले लिखा वरन उसे प्रड्यूस भी किया। इसका लेखन उन्होंने स्टीवन लैंस एवं स्टवान क्लियरी के साथ मिलकर किया।
इसे निर्देशित किया और इसमें हैरिसन स्लोआन गिल्बर्टसन, एमैनउल बिर्ट तथा एना रायन ने भूमिकाएं की हैं। यह एक किशोरी एवं फ़्रेंच ‘एसएंडएम मिस्ट्रेस’ (S&M mistress) के मासूम प्रेम से प्रारंभ होता है लेकिन बाद में जोखिअम भरा बन जाता है।
ऐसे फ़ाइन लेखक के गुजरने पर बहुत साथियों ने श्रद्धांजलि दी।
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