पयर्टन गोवा का मुख्य उद्योग है
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पयर्टन गोवा का मुख्य उद्योग है। जाहिर है इसका श्रेय यहां की प्राकृतिक सुंदरता और आकर्षक समुद्री तटों को जाता है, लेकिन हैरत की बात ये कि इसमें स्थानीय लोगों की हिस्सेदारी बहुत कम है। गोवा के होटलों, रिसार्ट, बीच के रेस्टोरेंट्स, आदि पर आज भी बाहरी राज्यों के लोगों का कब्जा है। यहां बाहरी लोगों को उत्तरांचल और हिमाचल प्रदेश की तरह जमीन खरीदने पर पाबंदियां नहीं है। जमीन की कीमत भी सस्ती है तो दूसरे राज्यों से आए कारोबारियों ने अपने उद्योग धंधे शुरू कर दिए।
कुछ जमीनें लीज पर लेकर पैसा कमा रहे हैं। थोड़ा पैसे में बिजनेस शुरू करने के लिए ये अच्छी जगह है। स्थानीय लोग या तो समुन्द्र में मछली पकड़ते हैं या बियर या वाइन की दुकानों पर काम करते हैं। ज्यादातर गोवा वासी दुकानें खोलकर पर्यटकों की छोटी- मोटी जरूरतों को पूरा करते हैं। अपने स्कृटर, बाइक और अपनी कारें किराए पर देते हैं और उनसे पैसा एंठने के लिए छोटी-मोटी मक्कारियां करते हैं। ऐसी मक्कारियां जो आमतौर पर देश के बाकी पर्यटन स्थलों में पाई जाती हैं।
मसलन गोवा में आपको 300 रुपए प्रतिदिन किराए पर स्कूटी या बाइक मिल जाएगी। रेटल कार 2000 रुपए प्रति दिन के किराए पर। कोई तीस फीसदी गोवन इसी धंधे में हैं। स्कूटी किराए पर लेकर आप दो दिन में उत्तरी गोवा के सारे समुद्री किनारे घूम लेंगे। मुझसे पूछें तो गोवा घूमने का असल मजा स्कूटी या बाइक पर है। कंधे पर एक बैग में जरूरी चीजें रखिए और निकल पड़िए ड्राइव पर। नारियल और पॉम के पेडों के झुरमुठों में सड़कें आपको सीधे बीच के किनारें लाकर खड़ा कर देंगी। इन बीचों का सटीक पता आपको गुगल मैप बता देगा। किसी से पूछने की जरूरत नहीं।
पेट्रोल पंप कम हैं और दूर दूर भी, लेकिन कोई फिक्र नहीं। यहां आपको सड़क के किनारे हर सब्जी वाले की दुकान पर, अंडे वाले की दुकान पर पेट्रोल की बोतल मिल जाएगी। एक लीटर पेट्रोल की कीमत नब्बे रुपए है, लेकिन तब जब आप रेट पहले पूछ कर पेट्रोल खरीदें। अगर बाइक में पेट्रोल डालने के बाद पूछेंगे तो ये गोवन आपसे 90 के बजाए सौ रुपए ले लेंगे। एक युवक इस बात पर एक दुकानदार से झगड़ रहा है।
उसने कहा -बगल की दुकान पर पर नब्बे रुपए की बोतल है। मैं अभी खरीद कर तुम्हे वापस करता हूं। चोरी पकड़े जाने पर वो भोला दुकानदार बोला वो पेट्रोल में पानी मिला कर बेचता है। मुझे हंसी आ जाती है। फिर वह दुकानदार अपने पड़ोसी दुकानदार से झगड़ने लगता है। तुम 90 की क्यों बेच रहे हो? दूसरा दुकानदार नाराज ग्राहक कहता है- 'ये ठीक कह रहा है। मेरी बोतल में तेल थोड़ा कम है। इस भोलेपन को आप क्या कहेंगे? सोच कर हंसता हूं दो चोरों को मौसेरा भाई क्यों कहा जाता है? यही बेचारे आलसी गोवा वालों की कमाई है।
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