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जीवन धारा: हर दिन यों जिएं, जैसे अंतिम हो; आज करें, अभी करें का सूत्र बेहद सार्थक

Mon, 12 Oct 2026 09:43 AM IST
ज्योति भास्कर लियो टॉल्स्टॉय

सार

जब हमें पता होता है कि हमारे पास समय सीमित है, तब हर सुबह कुछ अधिक मूल्यवान लगती है। हर रिश्ता थोड़ा अधिक महत्वपूर्ण, सच्चा और सुंदर लगने लगता है।
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हर रिश्ता थोड़ा अधिक महत्वपूर्ण, सच्चा और सुंदर - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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एक दिन आपको अचानक यह एहसास हो कि जिस जीवन को आप हमेशा लंबा मानकर चलते रहे, वह उतना लंबा नहीं है, जितना आपने सोचा था। तब क्या आपको वही बातें महत्वपूर्ण लगेंगी, जिनके पीछे आज आप अपना समय, ऊर्जा और शांति खर्च कर रहे हैं? क्या छोटी-छोटी नाराजगियां उतनी ही बड़ी लगेंगी? क्या लोगों की राय, पद, प्रतिष्ठा और धन का महत्व वैसा ही रहेगा? इवान इलिच ने अपना जीवन ठीक वैसा जिया, जैसा समाज की नजर में एक कामयाब जीवन होता है।

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अच्छी नौकरी, सम्मानजनक पद, सुविधाएं, घर और सामाजिक प्रतिष्ठा, ये सब कुछ उसके जीवन का हिस्सा थे। बाहर से देखने पर उसका जीवन व्यवस्थित दिखाई देता था। लेकिन जब बीमारी ने उसे मृत्यु के सामने खड़ा कर दिया, तब उसके लिए सबसे कठिन सवाल यह नहीं था कि वह कितना जी पाएगा। असली सवाल यह था कि क्या उसने अब तक सचमुच जीवन जिया भी था? इवान इलिच की कहानी हमें अपने जीवन के भीतर झांकने के लिए मजबूर करती है।

हम कितनी बार ऐसी चीजों के पीछे भागते हैं, जिन्हें पाने के बाद कुछ समय के लिए खुशी मिलती है और फिर कोई दूसरी इच्छा हमारे सामने खड़ी हो जाती है। हम दूसरों को प्रभावित करने के लिए जीते हैं, अपनी तुलना दूसरों से करते हैं और कई बार उन रास्तों पर चलते रहते हैं, जिन पर हमारा मन जाना ही नहीं चाहता। और, अंत में मृत्यु का वक्त आ जाता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि मनुष्य हर समय भय में जीता रहे, बल्कि यह है कि उसे अपने समय की कीमत समझ में आए।
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जब हमें पता होता है कि समय सीमित है, तब शायद हम उन लोगों से प्रेम करने में देर नहीं करते, जो हमारे अपने हैं। और, जिस काम को वास्तव में करना चाहते हैं, उसे हमेशा कल के लिए टालते नहीं रहते। जीवन की सबसे बड़ी भूल शायद यही है कि हम जीने को भविष्य के लिए बचाकर रखते हैं। पर जीवन किसी पूर्ण दिन की प्रतीक्षा नहीं करता। वह तो इन्हीं अधूरे दिनों के बीच हमारे सामने घटता रहता है। अंत में मनुष्य के पास केवल यह सवाल बच सकता है कि उसने अपने जीवन के साथ क्या किया।

उसने दूसरों की अपेक्षाओं के अनुसार जीवन बिताया या अपनी सच्चाई को समझने की कोशिश की? जब हमें पता होता है कि समय सीमित है, तब हर सुबह थोड़ी अधिक मूल्यवान लगती है, हर रिश्ता थोड़ा अधिक महत्वपूर्ण, सच्चा और सुंदर लगने लगता है। इसलिए जीवन को उस दिन के लिए मत बचाइए, जब सब कुछ ठीक हो जाएगा। जो कहना है, आज कहिए। जिसे प्रेम करना है, आज कीजिए। जिसे बदलना है, उसकी शुरुआत आज कीजिए। क्योंकि, जीवन की सबसे बड़ी निश्चितता यही है कि समय लौटकर नहीं आता।

  • द डेथ ऑफ इवान इलिच के अनूदित अंशसूत्र

सूत्र: आज करें, अभी करें
जीवन को कल के भरोसे मत छोड़िए, क्योंकि कल कभी निश्चित नहीं होता। जो समय आज आपके पास है, वही आपका वास्तविक जीवन है। इसलिए प्रेम को व्यक्त करने, अपनों के साथ समय बिताने और अधूरे सपनों की ओर कदम बढ़ाने में देर मत कीजिए। मृत्यु का स्मरण हमें डराने के लिए नहीं, बल्कि यह याद दिलाने के लिए है कि जीवन बहुत मूल्यवान है। 

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