कोरोना से देश में 5 अप्रैल तक 1 लाख 65 हजार 101 लोगों की जान जा चुकी है।
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सिस्टर का वादा याद रखा जाएगा
कोरोना से देश में 5 अप्रैल तक 1 लाख 65 हजार 101 लोगों की जान जा चुकी है। क्या इतने बलिदान हम व्यर्थ जाने देंगे। क्या हम यूं ही लापरवाह रहेंगे। ऐसे में सिस्टर की वह बात याद आती है, जो टीका लगाने के बाद उन्होंने मुझे विदा करते हुए कही। मैंने कहा- थैंक यू सिस्टर। आपने रक्षा सूत्र (रक्षा कवच वाला वैक्सीन) बांध दिया है, अब इस भाई का बाल बांका नहीं होगा।
सिस्टर ने मुझसे कहा- भैया, यह तो ठीक है लेकिन रक्षा सूत्र के बदले मुझसे वादा करें कि साथ-साथ मास्क, दो गज की दूरी, बार-बार साबुन से हाथ धोना याद रखेंगे। यानी दवाई भी कड़ाई भी। क्या हम मिलकर संकल्प ले सकते हैं कि जब हम आजादी की 75 वीं वर्षगांठ मनाएं तो भारत पूरी तरह से कोरोना मुक्त हो। तब हम पूरी तरह से जंग जीत चुके हों। यह तभी संभव है जब जैसे-जैसे पात्रता आती जाए, हरेक स्वेच्छा से टीका लगवाता जाए। दवाई के साथ-साथ कड़ाई (मास्क, दो गज की दूरी, बार-बार हाथ धोना) का मंत्र याद रखे। दरअसल, वैक्सीन आने के बाद लोगों में लापरवाही काफी बढ़ी है। अब दवाई के बाद कड़ाई नहीं, ढिलाई बढ़ती जा रही है।
काम की बातें, इसे दिमाग में जरूर रखना
पहले से पंजीयन कराकर ही टीका कराने पहुंचे, आधार या एक पहचान साथ रखें -पंजीयन नहीं करा पाए हैं तो आधार या एक पहचान की मूल व फोटो कॉपी लेकर जाएं, जिसमें जन्मतिथि हो -पुरुषों के लिएः हो सके तो हाफ बाजू की ढीली शर्ट पहन कर टीका लगवाने जाएं -सौ से ज्यादा लाइक्स चाहते हैं तो पूरी बाजू वाली शर्ट पहन कर जा सकते हैं।
महिलाओं के लिए स्लीवलेेस से आसानी होगी -फोटो जरूर खिंचवाएं, हो सके तो उसे टीकाकरण के 72 वर्किंग घंटे बाद सोशल मीडिया पर डालें -टीका लगवाते 56 इंच का सीना हो जाएगा, लेकिन मास्क, सामाजिक दूरी, बार-बार हाथ धोना बेहद जरूरी -यदि आपने पहली डोज ले रखी है और फोटो नहीं खिंचवा पाए तो सर्टिफिकेट डाउनलोड कर लें -आरोग्य सेतु एप के ऊपर बने कोविन पर सर्टिफिकेट डाउनलोड करने का विकल्प है -उमंग डिजिलॉकर एप के जरिये भी सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं -सर्टिफिकेट यात्रा के दौरान, आंशिक लॉकडाउन सख्ती व कुंभ जैसे आयोजनों के लिए उपयोगी साबित हो सकता!
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