दुनियाभर में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस से भारत बुरी तरह तो प्रभावित अभी नहीं हो पाया है, लेकिन सरकार ने एतियातन कई बड़े कदम उठाने प्रारंभ कर दिए हैं। सरकार का दावा है कि भारत में कोरोना वायरस से निपटने के लिए कई एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। सरकार ने कोरोना की रोक थाम के लिए न केवल एतियातन सतर्कता बरत रही है, अपितु दवाई के प्रभावशाली डोज भी तैयार करने की दिशा में पहल किया जा रहा है।
कैसी है भारत सरकार की तैयारी?
सरकार की ओर से बताया गया है कि वायरस से संक्रमित मरीज के इलाज के लिए एक मानक तरीके पर काम चल रहा है। इस मानक के तहत कई तरह के एंटीरेट्रोवायरल्स को मिलाकर इलाज का नुस्खा बनाया जा रहा है। बता दें की एंटीरेट्रोवायरल्स का इस्तेमाल एचआईवी या एड्स के इलाज में होता है। इसी तरीके का इस्तेमाल चीन में किया जा रहा है।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) को लोपिनाविर और रिटोनाविर के कम्बिनेशन के इस्तेमाल के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल की मंजूरी हासिल है। भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने पर ही इन दवाओं का इस्तेमाल किया जाएगा। अभी फिलहाल इलाज के लिए सामान्य तरीकों का उपयोग किया जा रहा है।
इधर, भारत सरकार के केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कोरोना के मामलों पर निगरानी रखने के लिए मंत्रियों के एक समूह का गठन कर दिया है। चीन से भारत आने वाले लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। किसी भी तरह की आशंका होने पर अलग रखकर उनका इलाज किया जा रहा है।
कोरोना वायरस से जुड़ी शिकायत और सुझाव के लिए एक कॉल सेंटर शुरू की गई है। इस सेंटर का नंबर 01123978046 है। यह फिलहाल 24 घंटे काम कर रहा है। करोना के बढ़ते खतरों को रोकने के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की गई है। ट्रैवल पॉलिसी में बदलाव किया गया है। 21 हवाई अड्डों और सी पोर्ट यानी बंदरगाहों पर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग शुरू की गई है। थर्मल स्क्रीनिंग वो प्रक्रिया है जिसके तहत कोरोना जैसे वायरस के संक्रमण की जांच की जाती है।
भारत की रणनीति
यही नहीं इधर हाल के दिनों में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए एक एडवाइजरी जारी की जिसमें कहा गया है कि किसी भी देश से यात्रा करके भारत आए यात्री अपने स्तर पर अपनी जांच करें और भारत सरकार द्वारा जारी की गई जरूरी हिदायतों पर गौर करें।
इस संबंध में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के स्पेशल सेक्रेट्री संजीव कुमार ने एक रिव्यू बैठक भी की है। इस बैठक में मुकम्मल जानकारी का आदान प्रदान किया गया और कोरोना से निपटने के लिए आगे की रणनीति बनाई गई।
जो लोग चीन, हांगकांग, दक्षिण कोरिया, जापान, इटली, थाइलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, ईरान, फ्रांस, स्पेन, इटली या जर्मनी की यात्री करके लौटे हैं, वे खुद ही 14 दिनों के लिए अपने आप को अलग-थलग कर लें।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक भारत में कोरोना के 70 से ज्यादा मामलों की आधिकारिक पुष्टि की जा चुकी है और 1400 से ज्यादा लोगों को निगरानी में रखा गया है। उसी तरह दुनिया के 117 देशों में अब तक कोरोना वायरस के मामले दर्ज किये जा चुके हैं।