मुख्यमंत्री घूम-घूम कर राहत सामग्री बांट रही है
अब तृणमूल कांग्रेस इस मुद्दे को जून तक होने वाले नगर निगम चुनावों और अगले साल के विधानसभा चुनावों में भुनाने का प्रयास कर रही है। उसके बाद इसकी काट के लिए भाजपा ने भी कोलकाता में राहत सामग्री के साथ उतरने का फैसला किया, लेकिन पुलिस ने उसके एक नेता सब्यसाची दत्त को ऐसा करने से रोक दिया।
पार्टी के प्रदेश महासचिव सायंतन बसु को भी पुलिस ने ऐसा करने करने की अनुमति नहीं दी। उसके बाद दोनों दलों में बयानबाजी तेज होने लगी है। भाजपा का आरोप है कि पुलिस प्रशासन तृणणूल कांग्रेस के नेताओं को तो राहत बांटने की अनुमति दे रहा है लेकिन विपक्ष को ऐसा करने से रोक रहा है।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष कहते हैं कि अगर मुख्यमंत्री घूम-घूम कर राहत सामग्री बांट रही है तो ठीक है, लेकिन जब भाजपा के नेता ऐसा करने का प्रयास तो उनको सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर रोक दिया जाता है, इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि सरकार अनुमति दे या नहीं, पार्टी राहत सामग्री बांटने का काम जारी रखेगी। घोष का आरोप है कि राज्य के विभिन्न इलाकों में लोगों को राहत सामग्री नहीं मिल रही है और जरूरी चीजों की कालाबाजारी हो रही है, लेकिन सरकार इस ओर से उदासीन है।
प्रशासन ने भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष और आसनसोल के सांसद बाबुल सुप्रियो को इस सप्ताह राहत सामग्री बांटने से नहीं रोका था
दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले प्रशासन ने भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष और आसनसोल के सांसद बाबुल सुप्रियो को इस सप्ताह राहत सामग्री बांटने से नहीं रोका था, लेकिन उसके बाद दूसरे तमाम नेताओं को रोक दिया गया।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने उनके आरोपों को निराधार बताया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता तापस राय ने कहा कि ऐसी महामारी के समय भाजपा को सस्ती राजनीति से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओँ की ओर से राहत सामग्री बांटने से सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उल्लंघन हो रहा है।
सरकार इस संकट से निपटने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। शहरी विकास मंत्री और कोलकाता नगर निगम के मेयर फिरहाद हकीम कहते हैं कि मौजूदा परिस्थिति में विपक्षी नेताओं को भीड़ जुटा कर आम लोगों के लिए खतरा नहीं बढ़ाना चाहिए। यह राजनीतिक रोटियां सेंकने का समय नहीं है।
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