आम जन-जीवन को सुगम बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है
स्थानीय नगर निकायों में नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों व नगर पंचायतों के सभासदों को भी संदेश भेजकर संवाद शुरू हो चुका है। सीएम हेल्पलाइन पर प्रधानों द्वारा संक्रमण से प्रभावित परिवारों व मरीजों की ओर से आने वाले फोन पर हो रहे संवाद का विश्लेषण भी किया जा रहा है।
इसके आधार पर एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी तैयार करवाया जा रहा है जिससे ये जाना जा सकेगा कि प्रदेश भर में देश के विभिन्न हिस्सों से लौटे लोग किस तरह संक्रमित हुए। इससे जांच व इलाज की जरूरत समझने में अधिक आसानी होगी।
उत्तर प्रदेश राहत कंट्रोल रूम अपने नंबर 1070 के साथ काम कर रहा है
- फोटो : file photo
जब उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग की विस्तृत भूमि प्रबंधन प्रणाली ‘डिजिटल लैंड’ को केन्द्र सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ने एक्सिलेंस इन गवर्नमेंट प्रोसेस रिइंजीनियरिंग फॉर डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के तहत कैटेगरी-1 के लिए गोल्ड मेडल दिया था, तब किसी ने सोचा भी ना होगा कि पेपरलेस हो चुका मुख्यमन्त्री कार्यालय और ई-गवर्नेस की ओर तेजी से बढ़ रही उत्तर प्रदेश सरकार अपनी इसी ई-गवर्नेंस की जनसेवा को संकटकाल में जनसुरक्षा का भी माध्यम बना लेगी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों में भी फंसे अपने नागरिकों की सहायता के लिए हफ्ते के सात दिन और 24 घंटे चालू रहने वाला एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जिस पर संपर्क कर के लोग कोरोना वायरस के संकट के बीच मदद प्राप्त कर सकते हैं।
दिल्ली या किसी अन्य राज्यों में फंसे उत्तर प्रदेश के लोग 011-26110151, 26110155 और 9313434088 पर फोन करके सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमितों की निगरानी के लिए टॉल फ्री हेल्पलाइन 18001805145 भी शुरू किया है। यहां दस फोन लाइन हैं, जिन पर दस मेडिकल अफसर लगातार तैनात रहते हैं।
इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश राहत कंट्रोल रूम अपने नंबर 1070 के साथ काम कर रहा है। 052222375656 के साथ एक व्हाट्सएप्प नंबर 9454441036 भी जारी किया गया है जिस पर लोग मैसेज कर सकते हैं।
सरकार ने जनता को पैनिक नहीं होने दिया
तकनीकी सेवाएं किस तरह लॉकडाउन के दौरान भी उत्तर प्रदेश सरकार को हर जरूरतमंद तक पहुंचा रही हैं। उसकी बानगी देखना हो हमें योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश के 86.71 लाख वृद्ध एवं विधवा महिलाओं, दिव्यांगों और अशक्तों को 871 करोड़ रुपये की मदद को देखना होगा। मुख्यमंत्री ने सिर्फ एक क्लिक द्वारा यह मदद सीधे लाभार्थियों के खाते में भेज दी। हालांकि मुख्यमंत्री ने अब तक लॉक डाउन के दौरान प्रधानमंत्री, प्रशासनिक अधिकारियों, बीजेपी कार्यकर्ताओं, श्रमिकों, डॉक्टरों आदि के साथ 38 बार वीडियो कांफ्रेंसिंग की है।
सरकार ने जिस तरह बड़ी डिलीवरी चैन वाली कंपनी जोमैटो, स्विगी, फ्लिप्कार्ट और अमेजन को लोगों तक अनाज और अन्य जरुरी सामान को पहुंचाने के लिए अपने साथ लिया उसने भी जनता को पैनिक नहीं होने दिया।
मुख्यमंत्री खुद लगातार अपने आईपैड द्वारा जिलों के कंट्रोल रूम से जुड़े हुए हैं
- फोटो : file photo
कोरोना से निबटते वक्त उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर लगातार 'फेक न्यूज' पर भी जीरो टाॅलरेंस की नीति अपना रही है और इस संबंध में जिले के पुलिस एवं प्रशासन को भी निर्देशित करके लगातार प्रभावी कार्यवाईयांं हो रही हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार के पास 112 का जियो टैगिंग से युक्त बेहद उन्नत ऑफिस है। मुख्यमंत्री खुद लगातार अपने आईपैड द्वारा जिलों के कंट्रोल रूम से जुड़े हुए हैं। सरकार सोशल मीडिया पर मुस्तैद है।
डिलीवरी सिस्टम में भी हर दिन के साथ सुधार हो रहा है, प्रशासन भी व्हाट्सएप्प नंबरो पर सुनवाई कर रहा है। अब बस जरूरत है कि लोग लॉकडाउन का ईमानदारी से पालन करें क्योंकि कोई ऐसी रात नहीं, जिसकी सुबह नहीं होती।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।