सोशल मीडिया के उपयोग को नियंत्रित करें।
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अभी भारत सरकार ने कोविड इंडिया सेवा नामक ट्विटर हैंडल शुरू किया है। आज के समय में प्रामाणिक और विस्तृत सूचना का सबसे बढ़िया स्रोत आपका अखबार है, जिसके पास बिना किसी हड़बड़ी के पूरे दिन सूचनाओं को वेरिफाई और क्रॉस वेरिफाई करने का टाइम होता है। इसके साथ ही सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर कोविड संक्रमण से जुड़ी हर सूचना को उसके स्रोत के आधार पर वर्गीकृत करें, चाहे वह करोना से संबंधित किसी इलाज की खबर हो या किसी व्यक्ति या वर्ग विशेष से जुड़ी कोई खबर, उसकी सत्यता को जानने का प्रयास करें।
याद रहें कोई भी बड़ी और महत्वपूर्ण घटना मुख्यधारा की मीडिया से छुपी नहीं रह सकती। यदि आप स्वयं खबर को वेरिफाई नहीं कर पा रहे हैं तो उस खबर को किसी अखबार या प्रतिष्ठित मीडिया की वेबसाइट पर तलाशने की कोशिश करिए।
याद रखिए इस संकट काल में फेक न्यूज हमारी समस्याओं में इजाफा करने का काम करेंगी। सोशल मीडिया बर्न आउट से बचने के लिए अपने सोशल मीडिया के उपयोग को नियंत्रित करिए, हर समय नोटिफिकेशन या टाइम लाइन चेक करने की आदत से बचिए।
सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट कर सकते हैं, हर समय इस विचार से बाहर आने की कोशिश करिए। लॉकडाउन में बहुत से अच्छे और रचनात्मक कार्य कर सकते हैं, लेकिन हर बात सोशल मीडिया पर शेयर करने की आवश्यकता नहीं है।
इससे आप अपने अच्छे कार्य का परिणाम सोशल मीडिया पर प्राप्त होने वाले लाइक्स और शेयर्स से जोड़ कर देखने लगते हैं और फिर अपेक्षाकृत परिणाम न मिलने पर अवसाद का शिकार होने का खतरा है। अच्छी किताबें पढ़िए, बागवानी करिए, परिजनों के साथ समय बिताइए, कुछ लिखिए लेकिन सोशल मीडिया बर्न आउट से खुद को बचाइए।
किसी भी सूचना के लिए अधिकृत सोर्स पर भरोसा करिए। निराशावादी सोच से बाहर आइए, फेक न्यूज का बहिष्कार कीजिए और घर में रहकर ही करोना वारियर बनिए।
(लेखक उत्तराखंड के सूचना विभाग में उप निदेशक हैं।)
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।