लॉक डाउन के दूसरा चरण के खत्म होने की तारीख तीन मई को है, लेकिन इस पर भी संशय की स्थिति बनी हुई है।
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क्या लॉक डाउन का तीसरा चरण भी होगा?
लॉक डाउन के दूसरा चरण के खत्म होने की तारीख तीन मई को है, लेकिन इस पर भी संशय की स्थिति बनी हुई है। कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रतीत तो यही हो रहा है कि लॉकडाउन को आगे और बढ़ाया जा सकता है। खैर, यह बात 27 अप्रैल को साफ हो जाएगी। क्योंकि इस दिन पीएम मोदी एक बार फिर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए लॉकडाउन के हालात पर चर्चा करेंगे और जो फैसला लेंगे वो सबके लिए और देशहित में मान्य होगा।
लॉकडाउन वन और लॉकडाउन 2.0 के दौरान कोरोना महामारी को लेकर पीएम मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना जितनी की जाए उतनी कम है। वैश्विक महामारी के खिलाफ भारत जिस मजबूती से डटा है, पूरी दुनिया इसका कायल है और यही वजह है कि डब्लूएचओ (WHO) से लेकर कई अंतरराष्ट्रीय संगठन ने भी भारत की जमकर प्रशंसा की है। और तो और सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका की डेटा रिसर्चर कंपनी ने दावा भी किया कि कोरोना से निपटने के प्रयासों में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनियाभर में सबसे आगे हैं।
दरअसल, अमेरिकी डेटा रिसर्चर कंपनी मॉर्निंग कंसल्ट ने अमेरिका पर पड़े कोरोना के असर को लेकर एक रिसर्च किया। इस तुलनात्मक रिसर्च में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के साथ दुनिया के अन्य नौ बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्षों की तुलना की गई है। इस रिसर्च में यह पता लगाने कोशिश की गई कि वैश्विक महामारी कोरोना से निपटने में कौन सा देश और उसके नेता का कैसा काम रहा है।
और हाल ही में दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के संस्थापक बिल गेट्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कोरोना महामारी के खिलाफ भारत के प्रयासों के लिए उनकी खूब तारीफ की। उन्होंने अपने पत्र में पीएम मोदी के नेतृत्व और कोरोना को लेकर केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। इस दौरान उन्होंने आरोग्य सेतु ऐप का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा, 'मैं कोरोना महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए आपके नेतृत्व के साथ-साथ आपकी और आपकी सरकार के सक्रिय कदमों की सराहना करता हूं। देश में हॉटस्पॉट चिह्नित करने और लोगों को आइसोलेशन में रखने के लिए लॉकडाउन, क्वारंटीन के साथ-साथ इस महामारी से लड़ने के लिए जरूरी हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाना सराहनीय है। आपने रिसर्च और डेवलेपमेंट के साथ-साथ डिजिटल इनोवेशन पर भी काफी जोर दिया है।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस संकट की घड़ी में लगातार अन्य देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के साथ टेलीफोन पर बात कर रहे हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस संकट की घड़ी में लगातार अन्य देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के साथ टेलीफोन पर बात कर रहे हैं। वह यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके देशों में कोरोना महामारी की स्थिति कैसी है? इसमें भारत क्या योगदान कर सकता है। इस पर भी बात कर रहे हैं।
अपनी क्षमतानुसार भारत ने इस संकट की घड़ी में दुसरे देशों को भी हरसंभव मदद किया है और भारत का यह एहसान शायद ही कोई देश भूल पाएगा। यही वजह है कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री अन्य देशों की नजर में पहले से भी और महान बन गए हैं। धैर्य और साहस ने पीएम मोदी को इस विपदा की घड़ी में साहसिक और कठोर फैसले लेने पर मजबूर किया और इस फैसले को सवा सौ करोड़ देशवासियों ने स्वीकार किया। इसी का नतीजा है कि हम अन्य देशों की तुलना में कोरोना से निपटने में थोड़ा बेहतर हैं।
इस संकट की घड़ी में प्रधानमंत्री मोदी को महान सिर्फ हम ही नहीं कह रहे हैं बल्कि दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी पीएम मोदी को महान नेता कह चुके हैं। हाल ही में कोरोना वायरस की मार से बेहाल अमेरिका के राष्ट्रपति ने ट्रंप ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा के निर्यात को मंजूरी देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महान नेता बताया था। ट्रंप ने कहा था कि पीएम मोदी महान हैं और बहुत अच्छे हैं। लेकिन इन प्रशंसाओं के साथ ही प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार की चुनौतियां पहले से बढ़ गई हैं। संक्रमितों की संख्या के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं ऐसे भारत को अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर बड़ी रणनीति की दरकार होगी। देखने वाली बात होगी पीएम इस मोर्चे पर कैसे आगे बढ़ते हैं।
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