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कोरोना की आहट: डर, आशंका और संक्रमण की रफ्तार के बीच चलता जीवन

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दिल्ली में बढ़े कोरोना के मामले, क्या अलर्ट हुए हैं आप? - फोटो : अमर उजाला
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देश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण की आहट है। प्रतिदिन के मामले 6 हजार के आसपास हैं। दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र और केरल से लेकर बिहार तक संक्रमण के मामले डराने के लिए काफी हैं। राज्य सरकारें अलर्ट पर हैं और केंद्र सरकार गाइडलाइंस के साथ मुस्तैद होने के लिए कमर कस रही है।

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दरअसल, कोरोना की निरंतर बनी आवाजाही के बीच कभी इस महामारी की दस्तक आहट बनी रही तो कभी डर। कोविड के अलग-अलग नामों के वैरिएंट दूर-सुदूर से फैलने की खबरों के बीच आते रहे और डर बने रहे। अभी कुछ महीनों पहले ही चीन में कोरोना संक्रमण के बड़े डराने वाले वीडियो वायरल हुए थे।


पड़ोसी मुल्क में कोरोना की संक्रमण रफ्तार के बीच भारत में भी एक दहशत का माहौल रहा था लेकिन हाल ही में जिस तरह से कोरोना संक्रमण रफ्तार पकड़ रहा है और मृत्यु की खबरें सामने आ रही है यदि जनता में जागरूकता और सतर्कता ना पैदा हुई तो हालात मई तक असामान्य हो सकते हैं। 

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पहले रोजाना 4 हजार फिर 5 हजार और बाद में 6 हजार कोरोना के मामले आने के बाद और कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार और आंकड़ों ने केंद्र सरकार के कान भी खड़े कर दिए हैं। कोरोना के मामलों की संख्या जहां मीडिया में सुर्खियां बन रही हैं वहीं केंद्र सरकार ने आनन-फानन में शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक लेकर मुस्तैदी जाहिर की है।

इधर, बैठक में जहां सभी राज्यों को सतर्कता और जागरूकता बरतने की सलाह दी गई तो वहीं बेवजह की अफवाह और डर फैलने से रोकने के लिए भी सावधान किया गया है। सरकार की ओर से सभी राज्य सरकारों को जीनोम सीक्वेंंसिंग भी बढ़ाने की सलाह दी गई है। बताते चलें कि कोरोना के गुरुवार को जो मामले आए हैं वे बीते छह माह में सबसे ज्यादा है। 
 

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कोरोना से बचाव ही सुरक्षा है। सरकारें अलर्ट हैं उम्मीद है यह जागरूकता जनता तक भी पहुंचेगी। - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले देशभर में बीते 24 घंटे में कोरोना के पांच हजार से ज्यादा लोग संक्रमित मिले हैं। इससे पहले गुरुवार को कोरोना के पांच हजार से ज्यादा केस आए थे, जो छह महीने में सबसे अधिक है। बीते चार सप्ताह से देश में लगातार बढ़ते कोरोना मामलों के चलते 21 राज्य के 72 जिले रेड अलर्ट में आए हैं। इन जिलों में बीते सप्ताह के दौरान 12 से 100 फीसदी तक सैंपल कोरोना संक्रमित मिले हैं। 

रोजी-रोटी के संकट के बीच जीवन पटरी पर 

कोरोना की तबाही के बीच 2022 की शुरुआत से ही देश में जीवन पटरी पर धीमे-धीमे ही सही लौट रहा है। दो साल में इस महामारी ने ना  केवल जनता को ना केवल आर्थिक संकट में डाला है बल्कि आर्थिक रफ्तार को भी रोक सा दिया है। सामाजिक जीवन में उथल-पुथल मची है तो वहीं व्यक्ति ज्यादा अकेला और टूटा है। जाहिर है रफ्ता-रफ्ता पटरी पर लौटते जीवन के लिए बीच राह में  कोरोना के संक्रमण की यह रफ्तार और खबरें थोड़ा धक्का पहुंचाने वाली है। चुप्पी साधे और बुझे हुए मन से मास्क पहने चलती भीड़ को देखकर लॉकडाउन जैसे ख्याल उठना स्वाभाविक है।   

देखा जाए तो कोरोना के आंकड़ों की संख्या का सामने आना और कोरोना का बने रहना दोनों ही बातें एक स्तर पर इस बात की तस्दीक करती हैं कि 2021 में तबाही के बाद कोरोना संक्रमण की रफ्तार कभी कम नहीं हुई और ना ही कोरोना हमारे बीच से पूरा गया है बल्कि एक तौर पर दुनियाभर के विशेषज्ञ यह कहते रहे हैं कि कोरोना कभी विदा नहीं लेगा बल्कि यह मनुष्य सभ्यता के बीच एक बीमारी की तरह रहेगा और इसकी मारक क्षमता कम होती चली जाएगी। 


डरा रहा है कोरोना का यह वैरिएंट 

बहरहाल, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस समय कारोना का सब-वैरिएंट XBB 1.16 और XBB 1.15 सामने आया है जिससे कोरोना मामलों की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। यह वैरिएंट ना केवल तेजी से फैलता है बल्कि यह इम्यूनिटी को मात देने में माहिर है। जाहिर है यहां इम्यूनिटी को मात देने का अर्थ है कोविड वैक्सीन के बूस्टर डोज के प्रभावी ना होने को लेकर देखना चाहिए। विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत में कोरोना फैलने की बड़ी वजह यह नया वैरिएंट ही है।

कोविड संक्रमण मामलों पर नजर रखने वाले इंटरनेशनल प्लेटफार्म की मानें तो भारत में सब-वैरिएंट XBB 1.16 सबसे ज्यादा फैला है और उसी के मामले दर्ज हुए हैं। इधर दूसरे देशों पर नजर डालें तो इस वैरिएंट के अमेरिका में 15 जबकि सिंगापुर में अब तक 14 केस सामने आए हैं। खास बात यह है कि भारत में इनकी संख्या 48 हो चुकी है।


इस वैरिएंट के बारे में विशेषज्ञ कहते हैं कि यह सब-वैरिएंट XBB 1.16 के पहले ओमिक्रॉन दुनिया भर में फैला था, लेकिन अब सब वैरिएंट XBB 1.16 के चलते महामारी तक फैल सकती है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि वे लोग जो पहले से ही ब्लड प्रेशर, शुगर, या किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं उन पर खतरा बना हुआ है। 

एक ऐसे समय में जबकि पूरी दुनिया इस महामारी के साथ जीने और रहने के लिए तैयार हो रही है भारत जैसे देश में संक्रमण की आहट थोड़ा सा डर और दहशत तो पैदा करती है लेकिन मास्क,, वैक्सीन और कोविड से लड़ने के सुरक्षा उपाय हमें इस महामारी से लड़ने में सहायता करेंगे। फिलहाल तो मास्क, वैक्सीन और सामाजिक दूरी ही कोविड के खिलाफ हमारे हथियार हैं।   
 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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