विरोधी मानते हैं कि इस क़ानून का इस्तेमाल शहर हांगकांग में विरोध को दबाने के लिए किया जाएगा।
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सरकारी बयान कहता है कि पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के उल्लंघन के संदेह पर एक कंपनी के पांच निदेशकों को गिरफ्तार किया। बयान के मुताबिक 47 से 63 साल की उम्र के बीच के चार पुरुषों और एक महिला को विदेश या राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाले बाहरी तत्वों के साथ मिलीभगत के संदेह में गिरफ्तार किया गया। एप्पल डेली के कार्यालयों में पुलिस अधिकारियों ने तलाशी ली।
सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के उल्लंघन के सबूत की तलाश में वॉरंट लिया गया था। यह दूसरी बार है जब पुलिस ने एप्पल डेली पर कार्रवाई की है। पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के उल्लंघन और धोखाधड़ी के संदेह में पिछले साल संस्थापक जिम्मी लई और अन्य पेशेवरों को गिरफ्तार किया था। आपको याद होगा कि हांगकांग में लोकतंत्र की बहाली के लिए दो साल पहले 12 जून को व्यापक आंदोलन शुरू हुआ था।
अखबार के बंद होने का कोई विरोध नहीं
इस आंदोलन को दुनिया भर से भरपूर समर्थन मिल रहा है। आठ दिन पहले दो साल जब पूरे हुए तो एक बार फिर वहां आंदोलन तेज़ हो गया। क़रीब बीस देशों के पचास शहरों में भी हांगकांग की अवाम के हक़ में प्रदर्शन हुए थे। ब्रिटेन,ऑस्ट्रेलिया,अमेरिका,कनाडा, स्वीडन तथा अनेक देशों ने चीन के इस दमनपूर्ण रवैए की निंदा की है।
हांगकांग 1997 तक ब्रिटेन के अधीन था, लेकिन 23 साल पहले ब्रिटेन ने उसे चीन को सौंप दिया था। उसके बाद से ही चीन वहां उदारवादी बयार के विरोध में है। चीन चाहता है कि कम्युनिस्ट पार्टी की शासन प्रणाली वहां भी लागू हो जाए। अवाम इसके ख़िलाफ़ है। चीनी पुलिस ने लोकतंत्र समर्थक आंदोलन चला रहे कार्यकर्ताओं को जेल में डाल रखा है।
हाल ही में चीन ने वहां नया सुरक्षा कानून लागू कर दिया था। इसमें तोड़फोड़, अलगाववादी गतिविधियों, आतंकवाद और विदेशी सहायता पर रोक लगाई गई है। विरोधी मानते हैं कि इस क़ानून का इस्तेमाल शहर हांगकांग में विरोध को दबाने के लिए किया जाएगा। अफ़सोसनाक है कि चीनी कार्रवाई के विरोध में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारों की जमात का कोई अधिक समर्थन नहीं मिला है। यक़ीनन यह आने वाले दिनों में चीन को और क्रूर बनाएगा।
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