फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: बॉब डिलेन- पुल सृजनकर्ता

सार

‘द ऑक्सफोर्ड बुक ऑफ अमेरिकन पोएट्री’ में उनका गीत ‘डिसोलोशन रो’ संकलित है। कैंब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस ने 2009 में ‘द कैंब्रिज कम्पेनियन टू बॉब डिलेन’ प्रकाशित किया है। 2017 में उन्हें नोबेल पुरस्कार मिला तो बहुत हंगामा हुआ। कुछ लोगों का मानना है कि बॉब डिलेन होने के कारण उनके लिए विशिष्ट नोबेल पुरस्कार का सृजन किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
82 साल के हुए बॉब डिलेन - फोटो : Twitter
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गायक बॉब डिलेन पर ढेर सारी फिल्में बनी हैं। वे गीत लिखते-गाते हैं, चित्र बनाते और इंस्टॉलेशन करते हैं। उन्होंने फिल्मों में भी अपना हाथ आजमाया है। फिल्म के लिए गीत लिखे (या यूं कहें उनके गीत फिल्म में लिए गए), स्क्रीनप्ले लिखा और तो और उन्होंने फिल्म में अभिनय भी किया। 

विज्ञापन


700 के करीब गीतों के रचयिता बॉब डिलेन ने ‘टैरनटुला’ नाम से प्रयोगात्मक गद्य-काव्य, अपने गानों के संगीत की किताबें, अपनी कला की छ: किताबें लिखी हैं, अपने संस्मरणों का प्रथम भाग ‘क्रोनिकल्स: वेल्यूम वन’ लिखा है। उनकी कई जीवनियां लिखी गई हैं, एक जीवनी 2001 में ‘डाउन द हाईवे: द लाइफ ऑफ बॉब डिलेन’ आई है। उनके कार्य का अकादमिक दुनिया में आलोचनात्मक अध्ययन किया जाता है।

2017 में मिला नोबेल पुरस्कार

‘द ऑक्सफोर्ड बुक ऑफ अमेरिकन पोएट्री’ में उनका गीत ‘डिसोलोशन रो’ संकलित है। कैंब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस ने 2009 में ‘द कैंब्रिज कम्पेनियन टू बॉब डिलेन’ प्रकाशित किया है। 2017 में उन्हें नोबेल पुरस्कार मिला तो बहुत हंगामा हुआ। कुछ लोगों का मानना है कि बॉब डिलेन होने के कारण उनके लिए विशिष्ट नोबेल पुरस्कार का सृजन किया जाना चाहिए।

डिलेन के एक संगीत अलोचक ने कहा कि यह साहित्य है, यह संगीत है, यह परफॉर्मेंस है, कला है। इस ऑफीसियल घोषणा ने उच्च और निम्न कला की दीवार को गिरा दिया है। कुछ लोगों को नोबेल समिति का यह निर्णय बेवकूफी भरा लगा। 

विज्ञापन


सब तरह के नशे को आजमाए, लगातार होंठों में सिगरेट दबाए अमेरिकी गायक बॉब डिलेन किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। एक पूरी पीढ़ी उनके गीतों पर पली है। एक समय था जब वे अमेरिकी पीढ़ी के आदर्श और प्रेरणा-पुरुष थे। नोबेल समिति की स्थाई सचिव सारा दानियस तथा नोबेल समिति के अनुसार, 77 वर्षीय बॉब डिलेन ने बिना किसी के जाने, शायद स्वयं भी न जानते हुए- अमेरिकन जन संगीत के ताने-बाने में खुद को बुन लिया है।

थोक में अतीत से उधार ले कर रागों, चित्रों, चरित्रों तथा मनोभावों को पुनर्मिश्रित कर उन्होंने द्रुत गति से परिवर्तित होने वाले वर्तमान के तत्वों की सृष्टि की। 55 साल से उनके जादुई गीत उदासी, खुशी, निराशा, प्रतिरोध की सृष्टि करते आ रहे हैं। एक संगीत प्रेमी ने उनके ‘लाइक ए रोलिंग स्टोन’ गीतों को कालातीत कहा है। 

रोबर्ट एलेन जिमेरमन यानी बॉब डिलेन

रोबर्ट एलेन जिमेरमन नाम से 24 मई 1941 को जन्मे हारमोनिका, गिटार, माउथ ऑर्गन तथा पियानो बजाने में कुशल बॉब डिलेन की आवाज के अनोखेपन पर जॉयस कैरोल ओट्स का कहना है कि जब उन्होंने डिलेन को युवावस्था में सुना तो उनकी आवाज कच्ची और बिना प्रशिक्षण की थी, नाक से निकलने वाली, मानो रेगमाल पेपर गा रहा हो लेकिन उसका प्रभाव नाटकीय और इलैक्ट्रीफाइंग था।

बॉब डिलेन जब स्टेज पर आते हैं तो श्रोता-दर्शक उनके जादू में मदहोश हो जाते हैं। वे कभी गाते हैं, कभी हारमोनिका बजाते हैं, कभी गिटार तो कभी पियानो। कभी अकेले गाते हैं, कभी अन्य गायकों का साथ लेते हैं। कभी माइक से केवल हंसी-खिलखिलाहट सुनाई देती है तो कभी स्टेज पर बिल्कुल अंधकार छा जाता है। उन्हें अपने गीत कंठस्थ होते हैं और उनके प्रशंसकों को भी कंठस्थ हैं। 

लोक, ब्लूज, गॉस्पल, रॉक एंड रोल, जाज की परम्परा में नया जोड़ने वाले डिलेन ने फिल्मों में हाथ आजमाया मगर उन्हें वहां बहुत सफलता न मिली। रेडियो में क्लासिकल गीतों को होस्ट करने और विज्ञापन में उन्हें खूब-खूब सफलता मिली। डिलेन को संगीत और संस्कृति के क्षेत्र में बीसवीं सदी के एक सबसे अधिक प्रभावी व्यक्ति के रूप में देखा जाता है। 

जन्म से यहूदी, कुछ समय के लिए ईसाइयत स्वीकार करने के बाद आज गीतों में आस्था ही उनका धर्म है। एक बार उन्होंने कहा कि ‘लेट मी रेस्ट ऑन अ पीसफुल माउंटेन’ अथवा ‘आई सा द लाइट’ जैसे गीत ही उनका धर्म हैं।

विज्ञापन

मशहूर बॉब डिलेन - फोटो : Twitter

बॉब डिलेन हर वर्ग के प्रिय

बॉब डिलेन के प्रशंसकों में ट्रक ड्राइवर से लेकर आईवी लीग के बुद्धिजीवी, सब शामिल हैं। उनके गीत अपनी तीक्षणता, पॉवर और अपने बिंबो की समृद्धि के कारण वास्तव में कविता के समकक्ष रखे जा सकते हैं। स्वयं को वूडी गुथ्री का महानतम शिष्य मानने वाले बॉब डिलेन ने प्रतिरोध गीतों के अलावा प्रेम गीत भी लिखे-गाए हैं। ‘

फ्रीव्हीलिन’ में कई प्रेम गीत हैं। ‘स्पैनिश हारलम इंसीडेंट’ तथा ‘टू रमोना’ भी प्रेम गीत हैं। ‘ब्लोइंन इन द विंड’ के कुछ गीत, जैसे ‘ए हार्ड रेन्स अ-गोना फाल’, परम्परागत शैली के साथ स्ट्रीम-ऑफ-कॉन्सेसनेस के उदाहरण हैं।

अमेरिका ने अपने एक गायक- जैक फेट को भुला दिया, मगर लोगों ने उन्हें याद रखा। ये ऐसे देश के नागरिक हैं जो खुद को भी नाममात्र का याद रखते हैं। जो लोग देश को चलाते थे इसे अपना मानते थे, वे श्वेत लोग देश छोड़ कर जा चुके हैं, जो बचे हैं वे सोचते हैं कि वे जो कुछ कहें उसे सब लोग आदर दें, लेकिन कोई ऐसा नहीं करता है। अब पहले वाला अमेरिकन नहीं हैं। यहां अब तीसरी दुनिया- जमैइकन, अफ्रीकन, मैक्सीकन, अरब, सर्ब, रिफ्यूजी, ठग, हत्यारे हैं, और वो लोग जिन्होंने दूसरों का दोहन किया है।

एक देश जो सिविल वार, सामाजिक अशांति का घर है। चैरिटी के नाम पर अपना घर भरा जा रहा है। एक समय सुर्खियों में रहने वाला गायक आज जेल में है। उसे जेल से छुड़ाया जाता है। इसी समय एक पत्रकार टॉम फ्रैंड भ्रष्ट कॉन्सर्ट की पोल खोल कर जनता के सामने सच्चाई लाने का प्रयास करता है। यह कहानी है 2003 की फिल्म ‘मास्क्ड एंड एनोनिमस’ फिल्म की जिसका स्क्रीनप्ले फिल्म निर्देशक लैरी चार्ल्स के साथ मिल कर बॉब डिलेन ने लिखा है। इसमें गायक जैक फेट का किरदार भी उन्होंने निभाया है और एक गीत ‘डाउन इन द फ्लड’ भी डिलेन का है।

1968 में डी.ए पेनबाकर ने डिलेन पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई, नाम है ‘डोंट लुक बैक’। यह डिलेन के 1965 के ग्रेट ब्रिटेन के टूर पर आधरित है। और अभी हाल में प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक मार्टिन स्कॉरसिसे ने ‘नो डाइरेक्शन होम’ बनाई है। 2005 में दो भाग में बनी 225 मिनट की यह डॉक्यूमेंट्री रहस्य में लिपटे डिलेन को बहुत सहानुभूति और गहनता के साथ प्रस्तुत करती है। इसमें मुख्य रूप से डिलेन के इंटरव्यू का उपयोग किया गया है और यह साठ के दशक उनके जीवन को चित्रित करती है।

बचपन में उसे तरह-तरह का संगीत सुनते हुए, खुद को प्रसिद्ध गायक बॉबी वी के नाम से संबोधित करते, दूसरों के गीत गाते, खुद गीत-संगीत रचते और अपने गीतों, गले में होल्डर से लटके हारमोनिका बजाते हुए श्रोताओं-दर्शकों को पागल करते हुए, दूसरे गायकों को डिलेन के गीत गाते हुए, 1966 की मोटरसाइकिल दुर्घटना के बाद समाप्त होती है। अभी डिलेन सही-सलामत हैं।


----------------------------
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें