लाजलो ने सोचा बात खत्म पर एग्नेस उन्हें छोड़ने वाली न थी। उसने कहा, वे एक नई स्क्रिप्ट तैयार करें, यदि ऐसा नहीं किया, तो बेला आत्महत्या कर लेंगे। हालांकि लाजलो के अनुसार यह उन्हें फांसने की उसकी एक चाल थी। तो पहले ‘डेम्नेशन’ बनी। फिर ‘सेटनटैंगो’ (3 पुरस्कार), द टुरिन होर्स’ (7 पुरस्कार), ‘द मेलंकली ऑफ रेजिस्टेंस’ (5 पुरस्कार) बनी।
लाजलो के अनुसार अब वे बेला टार के साथ नहीं हैं, क्योंकि हंगरी में फिल्म बनाना आसान नहीं रह गया है, आर्थिक सहायता मिलना मुश्किल है।
अभी हाल में मैंने ‘द टुरिन होर्स’ देखी। इसकी अन्य सिनेमैटिक विशेषताओं के अलावा इसे देखते हुए मुझे प्रेमचंद के ‘कफन’, ‘वेटिंग फॉर गोदो’ की झलक मिली। मार्केस के लेखन की याद आई। बेला तार एवं एवं उनकी पत्नी एग्नेस हेरनस्की ने मिल कर इसे निर्देशित किया है।
छ: दिन निरंतर चल रही तूफानी हवा के बीच चलती फिल्म को देखना एक बारगी मार्केस के यहां होने वाली लगातार बारिश की याद दिलाता है। अपंग पिता एवं बेटी केलिए कहीं निस्तार नहीं है।
फिल्म ‘मचूगा’
फिल्म एक तगड़े घोड़े से प्रारंभ होती है, जो स्वयं एक मजबूत किरदार है, पता नहीं क्यों फिल्म में उसे बीच रास्ते छोड़ दिया जाता है। एक दिन मालिक से मार खाकर घोड़ा खाना-पीना छोड़ देता है, वह भी उससे काम लेना छोड़ देता है। बेटी उसे घास खाने, पानी पीने का आग्रह करती है, मगर वह टस-से-मस नहीं होता है। वे जानते हैं, इसी के साथ उनकी बर्बादी शुरू हो गई है।
बर्बादी देख चिली की फिल्म ‘मचूगा’ याद आई। अंत में एक रोशनी जलती देख, ‘राम की शक्ति पूजा’ का स्मरण हो आया, लगा शायद नकारात्मक शक्ति हार जाएगी, तूफान-बर्बाद रुक जाएगी। पर वह भी बुझ गई। लेकिन पात्रों की जिजीविषा माननी पड़ेगी, वे संघर्ष करना नहीं छोडते हैं। ठीक वैसे ही जैसे ‘चेजिंग होमर’ का अंत है। बेला टार सामान्य मनुष्य की गरिमा की बात करते हैं। यही लाजलो का भी प्रतिपाद्य है।
लाजलो के इंग्लिश अनुवादक जॉर्ज सियरटिस के अनुसार क्रासनाहोरकाई का प्रमुख सार है, कुचक्र, अपराध, बेवफाई, भाग निकलने की आशा और सबसे ऊपर विश्वास एवं निरंतर विश्वासघात। उनके अनुसार ‘सैटनटैंगो’ के केंद्र में शराब पीकर किया गया शैतान का नृत्य है, कभी टैंगो के संदर्भ में, कभी चारडास (हंगेरियन नृत्य) के रूप में है।
यह नृत्य स्थानीय सराय में चल रहा है, जहां पीकर सब धुत हैं।... ब्रह्मांड के नगण्य, छोटे-से किसी कोने में, कॉमिक तथा ट्रैजिक के बीच खोई हुई, उनकी दुनिया रुखड़ी है। यहां मृत्यु का नृत्य है।’ फिल्म इस बात की पुष्टि करती है। ‘सैटनटैंगो’ बेला टार का मास्टरपीस है।
साहित्य और सिने जगत में बेला-लाजलो जैसी कुछ और भी जोड़ियां हैं, जैसे जर्मनी के मिखाइल हैनक एवं नोबेल पुरस्कृत एल्फ्रिड येलेनिक , वोल्कर सोन्डोर्फ तथा नोबेल पुरस्कार प्राप्त गुंटर ग्रास, वोल्कर सोन्डोर्फ और नोबेल प्राप्त हेनरिक बोल। इन साहित्यकारों-निर्देशकों ने कमाल किया है।
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