Atal Bihari Vajpayee Jayanti
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राजनेता के साथा बेहतरीन कवि भी
अटल जी एक बेहतरीन कवि थे, उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से सदन में अपने विरोधियों को कई बार परास्त किया। उनके शब्दों के तीर इतने सहज और सरल रहते कि उनके विरोधी परास्त होने के साथ साथ उनकी कविताओं के कायल बन जाते। हिंदी,हिंदू, हिन्दुस्तान का जो सुंदर परिचय अटल जी ने कराया वह विरले ही देखने को मिलता है। आपकी रचनाओं में भारत की भावी पीढ़ी को प्रेरणा और त्याग का गहरा संदेश है। जब आप कहते हैं -
बाधाएं आती हैं आएं,
घिरें प्रलय की घोर घटाएं,
पावों के नींचे अंगारे,
सिर पर बरसे यदि ज्वालाएं,
निज हांथो में हंसते हंसते,
आग लगाकर जलना होगा,
कदम मिलाकर चलना होगा।
तब आभास होता है जैसे भारत को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास किया जा रहा हो। आपके विचारों में तथा व्यवहार में राष्ट्र के प्रति समर्पण सर्वोपरि रहा। अटल जी हर भारतीय के दिल में रियल हीरो के रूप में सदैव जीवित रहेंगें।
अटल जी जाने से पहले अपनी अनगिनत रचनाएं हम भारतवासियों के लिए छोड़ गए, जिन्हें हम पढ़ कर सदैव उन्हें अपने नज़दीक पाते रहेंगें। उनकी रचनाओं में, रग-रग हिन्दू मेरा परिचय, मृत्यु या हत्या, अमर बलिदान(लोकसभा में अटल जी के वक्तव्यों का संग्रह), संसद में तीन दशक, अमर आग है,कुछ लेख:कुछ भाषण, सेक्यूलरवाद, राजनीति की रपटीली राहें, बिंदु बिंदु विचार, मेरी इक्यावन कविताएं इत्यादि हैं, जो देश की बेशकीमती धरोहरों में से एक हैं।
अटल जी ने अपने कार्यकाल के दौरान अनगिनत ऐसे काम किये जिससे हमारे देश की एकता औऱ अखंडता को शक्ति मिले। उन्होंने सौ वर्षों से अधिक पुराने कावेरी विवाद को सुलझाने का प्रयत्न किया, राष्ट्रीय सुरक्षा समिति, आर्थिक सलाह समिति, व्यापार एवं उद्योग समिति का गठन करना, ग्रामीण रोजगार सृजन एवं विदेशों में बसे भारतीय मूल के लोगों के लिए बीमा योजना शुरू करना, सॉफ्टवेयर विकास के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी कार्यदल, विद्युतीकरण में गति लाने के लिए केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग का गठन करना, सामाजिक सद्भाव को बरकरार रखने के लिए सरकारी ख़र्चे पर रोज़ा इफ्तार शुरू करना आदि असंख्य कार्यों को करने का श्रेय अटल जी को ही जाता है। उनके द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर उनके जन्मदिन को (25 दिसम्बर) भारत में सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है।
अटल जी राजनीति के महारथी थे, उन्होंने अपने ज्ञान का उपयोग भारत में सामाजिक न्याय और राजनीतिक सुधार लाने के लिए किया, साथ ही सामाजिक सौहार्द को बनाये रखने में अपना अहम योगदान दिया इसलिए भारत के इस बेटे को भारत ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व नमन करता है। विकसित और सशक्त भारत जिसमें सभी को बराबरी का अवसर मिले जो भारत की कामयाबी का आधार बने ताकि नए भारत का निर्माण किया जा सके भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी जी के जीवन प्रयासों में शामिल था इसलिए यदि हम यह कहें कि नए भारत की नींव रखने वाले अटल बिहारी वाजपेयी जी हैं तो कोई अतिश्योक्ति न होगी।
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