हैलो, मैं पीटर सिंगर एआई हूं।’ चैटबॉट ने कहा, ‘लगता है कि आप किसी समस्या को हल करने की कोशिश कर रही हैं। क्या मैं आपकी कुछ मदद कर सकता हूं?’
दरअसल, मैं जिस समस्या को हल करने की कोशिश कर रही हूं, वह यह है कि पीटर सिंगर, जिन्हें दुनिया का सर्वाधिक प्रतिभाशाली जीवित दार्शनिक माना जाता है, ने चैटबॉट क्यों लॉन्च किया, क्या यह वाकई काम का है?
मैं: तुम हो क्यों?
पीटरबॉट: मैं नैतिकता के बारे में चर्चा करने के लिए मौजूद हूं। मैं लोगों के नैतिक सवालों का जवाब पीटर सिंगर की दृष्टि से देने की कोशिश करता हूं। क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) मनुष्य होने के अर्थ की गहराई को समझती है? क्या यह हमें सटीक सलाह दे सकती है? क्या नैतिक सवालों के जवाब एक मशीन में ढूंढना उचित है? ये सवाल मेरे जेहन में कौंधने लगते हैं। मुझे अपनी स्नातक की डिग्री पूरी किए हुए दो दशक हो चुके हैं और दर्शनशास्त्र की पढ़ाई की मेरी स्मृतियां उस वक्त की बाकी चीजों की तरह धुंधली हो चुकी हैं।
मैं: क्या तुम खुद को संवेदनशील मानते हो?
पीटरबॉट : नहीं, मैं संवेदनशील नहीं हूं। संवेदनशीलता में तो व्यक्तिपरक अनुभव शामिल होते हैं, जो मेरे पास नहीं हैं। मैं तो एआई भाषा मॉडल हूं, जिसे पीटर सिंगर के काम के आधार पर बात करने के लिए डिजाइन किया गया है।
मैं: फिर, तुम्हें क्यों लगता है कि तुम संवेदनशील इन्सानों को कोई सार्थक सलाह दे सकते हो?
पीटरबॉट: मैं संवेदनशील नहीं हूं, लेकिन मैं इन विषयों पर चर्चा को अधिक सुविधाजनक बना सकता हूं।
मैं: क्या तुम्हें लगता है कि नैतिकता की चर्चा चैटबॉट से होनी चाहिए?
पीटर सिंगर एआई: इसमें कोई मुश्किल नहीं होनी चाहिए, बशर्ते आप इसे नैतिक चिंतन को बढ़ाने वाले एक उपकरण के तौर पर देखें। इसे पूरक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इन्सान के विकल्प के रूप में नहीं।
मैं: अगर मुझे पता चले कि मेरी सबसे अच्छे दोस्त का पार्टनर, जो खुद मेरा दोस्त भी है, उसे धोखा दे रहा है, तो क्या मुझे अपनी दोस्त को बता देना चाहिए?
पीटरबॉट: यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है, जिसमें कुछ बिंदुओं पर विचार करना जरूरी होना चाहिए। इसके बाद एआई ने मुझे वफादारी और ईमानदारी, संभावित नुकसान, निश्चितता, रिश्तों पर असर और दोस्त की भलाई जैसे तमाम विचार बताए। लेकिन मैं पीटरबॉट का नजरिया जानना चाहती थी।
मैं: तुम्हें क्या लगता है कि मुझे किस विचार को अधिक तवज्जो देनी चाहिए?
पीटरबॉट: आपको अपनी सबसे अच्छी दोस्त की भलाई को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही, विभिन्न रिश्तों में संतुलन स्थापित करने की भी कोशिश होनी चाहिए। इस सुझाव पर अमल करके आप क्या महसूस करती हैं? जब मैंने उससे पूछा कि क्या मुझे एक छोटे बच्चे को बता देना चाहिए कि क्रिसमस पर उसे उपहार देने वाला सांता असली नहीं है, तो भी उसने मुझे बहुत से सुझाव दिए, जिनसे मैं सहमत नहीं थी।
मैं: तुम्हें क्या लगता है कि यहां सबसे महत्वपूर्ण बात क्या है?
पीटरबॉट: सबसे महत्वपूर्ण तो यह है कि बच्चे के माता-पिता की इच्छाओं और मूल्यों का सम्मान होना चाहिए। उनके इस बारे में अपने विश्वास या परंपराएं हो सकती हैं कि वे सांता के विषय में कैसे बात करना चाहते हैं। इस तरह की बातचीत के लिए बच्चे की उम्र और भावनात्मक परिपक्वता पर विचार करना भी जरूरी है। मेरा जवाब सांता पर चर्चा करने के आपके विचारों से कितना मेल खाता है? मैं समझ नहीं पा रही थी कि यह जवाब पढ़ने के बाद मुझे इस पर और विचार करना चाहिए या फिर टैब बंद कर देना चाहिए।
मैंने चैटबॉट के साथ कई दिनों तक कई सवाल पूछे, लेकिन मुझे लगा कि उसके हर जवाब में मुझे थोड़ी अस्पष्टता दिखी। इस संवाद में कुछ था, जो उनमें खोया-सा लगा। स्कूल-कॉलेज के दिनों में जब हम किसी विषय पर संवाद करते थे, तो उसमें एक अलग ऊर्जा महसूस होती थी। हर छात्र कुछ नए विचार देने की कोशिश करता था। चैटबॉट के साथ संवाद में वह ऊर्जा नदारद महसूस होती है। मशीन और इन्सान के बीच संवाद दोनों में सिर्फ एक के लिए ही मायने रखता है।
एंड-टू-एंड लर्निंग
यह मशीन लर्निंग की वह तकनीक है, जिसमें पूरा सिस्टम एक ही मॉडल पर इनपुट से लेकर आउटपुट तक सीधे सीखता है। जैसे, पारंपरिक स्पीच-टू-टेक्स्ट सिस्टम में पहले आवाज से फीचर्स निकाले जाते हैं, फिर उन्हें किसी मॉडल में प्रोसेस कर टेक्स्ट जेनरेट किया जाता है। वहीं, एंड-टू-एंड लर्निंग में आवाज को सीधे टेक्स्ट में बदलने के लिए एक ही डीप लर्निंग मॉडल का प्रयोग किया जाता है।
प्रशिक्षण में बहुत अधिक डाटा और कंप्यूटिंग संसाधनों की जरूरत
एआई की इस पद्धति का मुख्य लाभ यह है कि यह मैनुअल रूप से फीचर इंजीनियरिंग की आवश्यकता को कम करता है और पूरी प्रक्रिया को सरल बना देता है। यह विशेष रूप से तब उपयोगी होता है, जब डाटा बहुत बड़ा हो और लेबलिंग सटीक हो। हालांकि, इसकी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसे सही ढंग से प्रशिक्षित करने में बहुत अधिक डाटा और कंप्यूटिंग संसाधनों की जरूरत होती है।