फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सफलता का मंत्र: हर अवसर के पीछे भागने के बजाय पहचानें अपनी ताकत, तभी बनेगी अलग पहचान

Thu, 15 Oct 2026 07:11 AM IST
शिवम गर्ग बाल्थासार ग्रासियन

सार

हर दरवाजा तुम्हारे लिए नहीं खुलता और हर खुला दरवाजा मंजिल तक नहीं पहुंचाता। कभी-कभी किसी काम से पीछे हट जाना अपनी शक्ति को बचाना होता है।
विज्ञापन
अवसरों को चुनना भी एक कला है - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मैंने जीवन को करीब से देखकर जाना है कि मनुष्य की बहुत-सी परेशानियां उसकी कमजोरियों से नहीं, बल्कि अपनी क्षमता को न पहचान पाने से पैदा होती हैं। वह दूसरों को देखकर उनके जैसा बनना चाहता है। किसी की सफलता उसे अपनी राह बदलने के लिए प्रेरित करती है, तो किसी की प्रशंसा उसे अपनी खूबियों पर संदेह करने के लिए मजबूर कर देती है। इस तरह वह दूसरों की नकल करते-करते उस खासियत को खो देता है, जो उसे सबसे अलग बना सकती थी। मेरा मानना है कि पहले यह पहचानो कि तुम किस काम में सबसे अच्छे हो। हर दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश करने के बजाय उस दिशा में अपनी पूरी शक्ति लगा दो, जिसमें तुम्हारी स्वाभाविक योग्यता है। हर चीज में थोड़ा-थोड़ा जानने से बेहतर है किसी एक काम में इतनी गहराई हासिल करना कि लोग तुम्हें उसी काम के लिए याद करें।
विज्ञापन


हालांकि, केवल योग्यता पहचान लेना काफी नहीं है। यह भी समझना होगा कि अपनी योग्यता को दुनिया के सामने कब और कितना दिखाना है। जो व्यक्ति अपने हर विचार, हर योजना और हर इरादे की घोषणा पहले ही कर देता है, वह अपने काम से पहले उम्मीदों का बोझ खड़ा कर लेता है। फिर, उसका काम चाहे कितना भी अच्छा क्यों न हो, लोग उसकी तुलना उस तस्वीर से करने लगते हैं, जो उसने पहले ही उनके मन में बना दी थी। इसलिए, अपने काम को बोलने का अवसर दो। ऐसी उम्मीदें मत जगाओ, जिन्हें पूरा करने का समय अभी न आया हो। बेहतर है कि लोग तुम्हारे काम को देखकर चकित हों, न कि तुम्हारी घोषणाओं को याद करके निराश। जीवन में एक और भूल बार-बार होती है। हम समझते हैं कि आगे बढ़ने का अर्थ हर अवसर को स्वीकार करना और हर मुकाबले में उतरना है। लेकिन, मैंने जाना है कि अवसरों को चुनना भी एक कला है। हर दरवाजा तुम्हारे लिए नहीं खुलता और हर खुला दरवाजा तुम्हें मंजिल तक नहीं पहुंचाता। कभी-कभी किसी काम से पीछे हट जाना अपनी शक्ति को बचाना होता है। जो व्यक्ति अपना समय, ध्यान और ऊर्जा हर छोटी बात पर खर्च कर देता है, उसके पास उस बड़े काम के लिए कुछ नहीं बचता, जिसके लिए वह वास्तव में बना है।

मैंने देखा है कि मनुष्य अपनी छोटी-सी कमजोरी को अक्सर मामूली समझकर छोड़ देता है, जबकि वही उसकी बड़ी उपलब्धियों पर भारी पड़ सकती है। इसलिए, जिस दोष को सुधारा जा सकता है, उसे अपनी आदत बनाकर मत रखो। जीवन की समझ इस बात में नहीं है कि तुमने कितने रास्तों पर कदम रखा, बल्कि इसमें है कि तुमने सही रास्ते को कितनी गहराई से पहचाना। समझदार व्यक्ति वही है, जो जानता हो कि उसके लिए वास्तव में क्या मूल्यवान है और उसे किस कीमत पर बचाए रखना चाहिए। -द आर्ट ऑफ वर्ल्डली विज्डम के अनूदित अंश
विज्ञापन


अपनी पहचान बनाएं
जीवन में सफल होने के लिए हर किसी जैसा बनना नहीं, बल्कि अपनी खूबियों को पहचानना जरूरी है। अपनी ऊर्जा हर दिशा में बिखेरने के बजाय उस काम में लगाएं, जिसमें आप सबसे बेहतर हैं। अपनी योजनाओं का शोर मचाने के बजाय अपने काम को बोलने दें। छोटी कमियों को नजरअंदाज न करें, क्योंकि वे बड़ी संभावनाओं को कमजोर कर सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें