अमृतसर घटना के बाद भारत को अलर्ट रहना होगा।
- फोटो : File Photo
पाकिस्तान के हाथ होने के सबूत
लगातार इस बात के सबूत सामने आते रहे हैं कि पाकिस्तान की गुप्तचर एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलीजेंस भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। कुछ समय पहले जर्मनी में खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के दो आतंकियों को गिरफ्तार किया गया और इस मामले की जांच के दौरान सामने आया कि यूरोप में इन आतंकी संगठनों की गतिविधियां बढ़ रही हैं। यही नहीं इस षड्यंत्र को पाकिस्तान से लगातार समर्थन मिलता रहा है। जबकि विदेशों में रहने वाले सिख समुदाय के लोगों का कट्टरपंथी तबका भी इसमें लगा रहा है। हालांकि ये लोग छिटपुट घटनाओं को ही अंजाम दे पाते हैं। 2016-17 में पंजाब के कर्इ इलाकों में अलग-अलग समय जिन आठ लोगों की हत्या हुर्इ उसमें विदेशों में रहने वाले सिखों की संलिप्तता सामने आर्इ थी, जबकि संसाधन और पैसा भी वहीं से आया था।
अमृतसर घटना के बाद ये बात अब सर्वविदित हो चुकी है कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को इन आतंकियों की बढ़ रही खुराफात पर न तो रक्षात्मक होने की आवश्यकता है और न ही भयभीत बल्कि इसका दृढ़ता से जवाब देना समय की मांग है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : यह लेखक के निजी विचार हैं. आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है. आप भी अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं. लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें.