What is Merit Scheme? केंद्र सरकार ने हाल ही में बहु-विषयक शिक्षा एवं अनुसंधान सुधार मेरिट (MERIT) योजना को मंजूरी दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर अगले पांच वर्षों में 4,200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इससे देश के लगभग साढ़े सात लाख विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। यह योजना देश के 275 तकनीकी शिक्षण संस्थानों में लागू होगी, जिनमें 175 इंजीनियरिंग कॉलेज और 100 पॉलिटेक्निक संस्थान शामिल हैं। इस योजना का उद्देश्य न केवल तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारना है, बल्कि छात्रों को बहु-विषयक, व्यावहारिक और उद्योग से जुड़ा प्रशिक्षण प्रदान करना भी है।
मेरिट योजना के उद्देश्य और विशेषताएं
बहु-विषयक शिक्षा एवं अनुसंधान सुधार मेरिट (MERIT) योजना का उद्देश्य छात्रों को केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि प्रबंधन, डिजाइन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, पर्यावरण विज्ञान, और सामाजिक अध्ययन जैसे विषयों से भी जोड़ना। छात्रों और फैकल्टी को उच्चस्तरीय रिसर्च प्रोजेक्ट्स में भाग लेने के लिए वित्तीय सहायता। प्रयोगशालाओं, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और आधुनिक वर्कशॉप की स्थापना। उद्योग के साथ मिलकर पाठ्यक्रम तैयार करना और छात्रों के लिए इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट और रोजगार के अवसर पैदा करना। कमजोर क्षेत्रों के तकनीकी संस्थानों को अतिरिक्त फंड और विशेषज्ञ सहयोग देना है।
तकनीकी शिक्षा के स्तर को बेहतर करने के उपाय
पाठ्यक्रम का आधुनिकीकरण, हर तीन वर्ष में पाठ्यक्रम की समीक्षा और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप अपडेट करना। नई उभरती तकनीकों- जैसे 5G, ब्लॉकचेन, क्वांटम कंप्यूटिंग, ग्रीन एनर्जी को पढ़ाई में शामिल करना है। कॉलेजों में रिसर्च लैब और इनोवेशन सेंटर स्थापित करना है।छात्रों और शिक्षकों को पेटेंट फाइल करने के लिए प्रोत्साहन देना है। शिक्षकों के लिए समय-समय पर ट्रेनिंग प्रोग्राम और इंडस्ट्री एक्सपोजर, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ शिक्षक विनिमय कार्यक्रम, उद्योग के साथ मजबूत साझेदारी ,उद्योग-प्रायोजित कोर्स और वर्कशॉप आयोजित करना है। कंपनियों के साथ 'जॉब-रेडी स्किल' आधारित प्रशिक्षण। ग्रामीण और छोटे शहरों के संस्थानों पर ध्यान वहां आधुनिक लैब और इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना। छात्रों को ऑनलाइन लर्निंग और वर्चुअल लैब की सुविधा देना है।
छात्र-केंद्रित शिक्षा
प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन और उद्यमिता प्रशिक्षण। बहु-विषयक टीम प्रोजेक्ट्स, जिससे छात्र विविध क्षेत्रों का अनुभव ले सकें। कुशल और उद्योग-तैयार मानव संसाधन मेरिट योजना से निकलने वाले छात्र केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल स्किल वाले होंगे। इंडस्ट्री से जुड़ी शिक्षा मिलने पर छात्रों की रोजगार-योग्यता बढ़ेगी। भारत वैश्विक तकनीकी नवाचार के मानचित्र पर मजबूत स्थिति बना सकेगा। पिछड़े इलाकों में भी आधुनिक तकनीकी शिक्षा की पहुँच बढ़ेगी।
तकनीकी शिक्षा किसी भी देश के आर्थिक और औद्योगिक विकास की रीढ़ होती है। मेरिट योजना इस दिशा में एक ठोस कदम है, जो न केवल शिक्षा के स्तर को सुधारने में मदद करेगी, बल्कि इसे उद्योग और समाज की जरूरतों से भी जोड़ेगी। यदि इस योजना को सही तरीके से लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में भारत न केवल तकनीकी शिक्षा में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि नवाचार और अनुसंधान में भी दुनिया में अग्रणी स्थान हासिल करेगा।
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