फोटो-54: बहादुरगढ़ के धर्म विहार में मिट्टी के चूल्हे पर लकड़ी जलाकर खाना बनाती महिलाएं। संवाद
बहादुरगढ़। गैस सिलिंडर की किल्लत का असर श्रमिक वर्ग के परिवारों पर ज्यादा पड़ रहा है। उन्हें मजबूरी में मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। सिलिंडर के लिए उनके पास जरूरी दस्तावेज नहीं हैं। इस कारण उन्होंने वर्षों बाद अपने घरों में मिट्टी के चूल्हे दोबारा तैयार कर लिए हैं। धर्म विहार की रहने वाली सुनीता और विनीता ने बताया कि गैस सिलेंडर लेने के लिए जरूरी दस्तावेज न होने के कारण उन्हें नया सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। वे बाजार से लकड़ी खरीदकर भोजन तैयार कर रही हैं। हरचरण ने बताया कि गैस सिलिंडर की सप्लाई में कमी और लगातार बढ़ती कीमतों के कारण गरीब और श्रमिक परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। दरअसल, बहादुरगढ़ में करीब दो से तीन लाख श्रमिक गांवों और शहर में किराये के मकानों में रहकर फैक्टरियों में काम करते हैं। गैस की किल्लत और बढ़ती महंगाई का सीधा असर इन्हीं परिवारों पर पड़ रहा है। संवाद