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Rajasthan Government Crisis: जानिए कौन हैं अशोक गहलोत, 2018 में तीसरी बार बने राजस्थान के सीएम

Tue, 14 Jul 2020 03:37 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो)
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राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार पर संकट के बादल मंडराने के बाद सियासी उठापटक जारी है। सचिन पायलट के सीएम गहलोत के खिलाफ बगावती सुर ने सरकार को संकट में डाल दिया है। हालांकि, कांंग्रेस ने पायलट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर उन्हें डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया है। उनकी जगह गोविंद सिंह डोटसरा को नया प्रदेशाध्यक्ष घोषित किया गया है। सचिन पायलट के अलावा विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा को मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया है।

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जोधपुर में हुआ जन्म
अशोक गहलोत अपनी सादगी के लिए पूरे राज्य में जाने जाते हैं। अशोक गहलोत का जन्म तीन मई 1951 को राजस्थान के जोधपुर में हुआ था। उनके पिता का नाम लक्ष्मण सिंह गहलोत है। 

कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं गहलोत
अशोक गहलोत ने विज्ञान और कानून में स्नातक डिग्री प्राप्त की तथा अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की। राजस्थान में अशोक गहलोत को कांग्रेस के बड़े कद के नेता के तौर पर जाना जाता है। अशोक गहलोत का विवाह 27 नवंबर 1977 को सुनीता गहलोत के साथ हुआ। गहलोत के एक पुत्र (वैभव गहलोत) और एक पुत्री (सोनिया गहलोत) हैं।
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तीन बार बने केंद्रीय मंत्री
अशोक गहलोत ने पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के मंत्रिमंडल में केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया। वह तीन बार केंद्रीय मंत्री बने। वे 1982 से 1984 तक इंदिरा गांधी के मंत्रिमंडल में पर्यटन और नागरिक उड्डयन उपमंत्री रहे। इसके बाद वे खेल उपमंत्री बने।
 

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2018 में तीसरी बार बने सीएम 

समाजसेवा में गहरी रुचि
अशोक गहलोत समाजसेवा में गहरी रुचि रखते हैं। गहलोत ने तरुण शान्ति सेना द्वारा सेवाग्राम, वर्धा, औरंगाबाद, इंदौर तथा अनेक जगहों पर आयोजित शिविरों में सक्रिय रूप से कार्य किया तथा कच्ची बस्ती और झुग्गी क्षेत्रों के विकास के लिए अपनी सेवाएं दीं। वे अपने समय में लोकसभा के लिए चुने जाने वाले देश के सबसे युवा सांसद भी रहे।

शुरुआत से ही राजनीति और समाजसेवा में रहे सक्रिय
अशोक गहलोत विद्यार्थी जीवन से ही राजनीति और समाजसेवा में सक्रिय रहे। पढ़ाई के दौरान वे स्काउट और एनसीसी के जरिए होने वाली समाजसेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। वह 1973 से 1979 के बीच राजस्थान एनएसयूआई के अध्यक्ष रहे।

1998 में पहली बार बने सीएम
अशोक गहलोत पहली बार साल 1998 में राजस्थान के मुख्यमंत्री बने। उसके बाद वो 2008 में फिर 2018 में राज्य के सीएम बने। गहलोत 1980 में पहली बार जोधपुर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित हुए। उन्होंने जोधपुर संसदीय क्षेत्र का 1999 तक प्रतिनिधित्व किया। गहलोत 1999 में विधानसभा के सदस्य बने उसके बाद 2003 में और फिर 2008 को सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र से पुन: निर्वाचित हुए। 

2018 में तीसरी बार बने सीएम 
अशोक गहलोत ने राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2018 में जोधपुर की सरदारपुरा सीट से जीत दर्ज की और सीएम बने। 2004 से 2009 तक गहलोत ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के रूप में कार्य किया। 2017 में उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया। 
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