समाजसेवा में गहरी रुचि
अशोक गहलोत समाजसेवा में गहरी रुचि रखते हैं। गहलोत ने तरुण शान्ति सेना द्वारा सेवाग्राम, वर्धा, औरंगाबाद, इंदौर तथा अनेक जगहों पर आयोजित शिविरों में सक्रिय रूप से कार्य किया तथा कच्ची बस्ती और झुग्गी क्षेत्रों के विकास के लिए अपनी सेवाएं दीं। वे अपने समय में लोकसभा के लिए चुने जाने वाले देश के सबसे युवा सांसद भी रहे।
शुरुआत से ही राजनीति और समाजसेवा में रहे सक्रिय
अशोक गहलोत विद्यार्थी जीवन से ही राजनीति और समाजसेवा में सक्रिय रहे। पढ़ाई के दौरान वे स्काउट और एनसीसी के जरिए होने वाली समाजसेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। वह 1973 से 1979 के बीच राजस्थान एनएसयूआई के अध्यक्ष रहे।
1998 में पहली बार बने सीएम
अशोक गहलोत पहली बार साल 1998 में राजस्थान के मुख्यमंत्री बने। उसके बाद वो 2008 में फिर 2018 में राज्य के सीएम बने। गहलोत 1980 में पहली बार जोधपुर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित हुए। उन्होंने जोधपुर संसदीय क्षेत्र का 1999 तक प्रतिनिधित्व किया। गहलोत 1999 में विधानसभा के सदस्य बने उसके बाद 2003 में और फिर 2008 को सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र से पुन: निर्वाचित हुए।
2018 में तीसरी बार बने सीएम
अशोक गहलोत ने राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2018 में जोधपुर की सरदारपुरा सीट से जीत दर्ज की और सीएम बने। 2004 से 2009 तक गहलोत ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के रूप में कार्य किया। 2017 में उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया।