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नोटबंदी के चलते हाईकोर्ट पहुंचा अनोखा मामला, जज ने सुनाया फैसला

Sat, 24 Dec 2016 10:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कोर्ट
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देश में 1000 और 500 के नोटों को बंद करने के सरकार के फैसले के चलते पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अनोखा मामला पहुंचा है। करनाल का यह मामला विजिलेंस को दी गई शिकायत के चलते रिश्वत के रूप में दी गई राशि के केस प्रॉपर्टी बनने से जुड़ा है।
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हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए यह राशि याची ने वापस मांगी थी, जिसे समय रहते बैंक के जरिये बदला जा सके। हाईकोर्ट ने इन नोटों की रंगीन फोटोस्टेट कॉपी बनवाकर रकम याची को सौंपने के आदेश दिए हैं।

मामला में करनाल के एसएचओ की ओर से शिकायत की गई थी। हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए एसएचओ ने कहा कि वह रिटायरमेंट के नजदीक था और इस दौरान दो पुलिस कर्मियों ने ही उसे एक्सटेंशन दिलाने के नाम पर 1.5 लाख रुपये की मांग की थी।
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इसके बाद सौदा 85 हजार रुपये में तय हुआ और इसकी शिकायत एसएचओ ने विजिलेंस को दे दी। विजिलेंस ने दोनों पुलिस कर्मियों को 85 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। यह राशि 500 रुपये के नोटों के रूप में थी। यह मामला विमुद्रीकरण के सरकारी फरमान से पहले का है।
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मालखाने में रखी राशि नए नोटों में बदलवाने की अपील

court shimla
विमुद्रीकरण के चलते याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मालखाने से रखी गई 85 हजार की राशि बैंक के जरिये नए नोटों में बदलवाने के लिए उपलब्ध करवाने की अपील की।

याची ने कहा कि यह राशि पुराने नोटों के रूप में है। इन नोटों को बदलने के लिए केंद्र सरकार ने समय सीमा तय की है। यदि यह राशि तय समय के बाद वापस मिली तो यह केवल कागज का टुकड़ा मात्र रह जाएगी।

केस प्रॉपर्टी के मामले में नोटबंदी का कोई अन्य नियम नहीं
याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर पूछा था की क्या केस प्रॉपर्टी के मामले में नोटबंदी का कोई नियम है या नहीं। केंद्र सरकार ने वीरवार को जवाब देते हुए कहा की मामले में फ़िलहाल कोई नियम नहीं है।

केंद्र के जवाब के बाद हाईकोर्ट ने आदेश दिए की केस प्रॉपर्टी के तौर पर रखे गए पुराने इन नोटों की रंगीन फोटो कॉपी कर इसका रिकॉर्ड रखा जाये और यह नोट याची को वापस दे दिए जाएं। हाईकोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि यह फैसला सिर्फ इसी केस में लागू होगा। 
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