दोहरीघाट के तटवर्ती इलाके में फैला घाघरा नदी का पानी।
दोहरीघाट । घाघरा का जलस्तर रविवार को नौ सेमी घटने से नदी का वेग और तेज हो गया है। कस्बे में श्मशान घाट से लेकर गौरीशंकर घाट तक नदी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है ।इधर घाघरा का जलस्तर रविवार को सुबह 70.13 सेमी था जो सायं चार बजे घटकर 70.4 सेमी हो गया ।अभी भी नदी खतरा विन्दु 69:90 सेमी के सापेक्ष 14 सेमी ऊपर बह रही है ।लेकिन कटान का खतरा मंडराने लगा है भारत माता मन्दिर पर से नदी टकरा कर पूरे वेग से खाकी बाबा की कुटी यानी सौ मीटर आगे जा रही है और उसी वेग से बैक होकर पुन: वापस टकरा रही है ।नदी के तेजज प्रवाह को देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो जा रहे हैं ।वहीं सरस्वती माता मन्दिर पर डोमराज के मकान के पास नदी की बैकरोलिग होने से कटान रोकने के लिए लगाये गये बोल्डर नदी की धारा में खिसक रहे हैं ।सिंचाई विभाग के एसी ने ए के राय ने कटान स्थल का दौरा किया तथा तत्काल कटान के मुहाने पर जाली बनाकर उसमें बोल्डर भरकर गिराए जाने का आदेश दिया। कहा कि कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए वही सिंचाई विभाग के एक्सीईएन वीरेन्द्र पासवान समेत आला अधिकारियों के साथ सैकड़ों मजदूरों को लेकर कटान से बचाव हेतु जुट गये हैं । श्मशान घाट से लेकर गौरीशंकर घाट तक बोल्डर कटान के मुहाने पर नदी में डाले जा रहे हैं।लेकिन नदी की बैकरोलिग होने से कब किधर तबाही मचा दे कहा नहीं जा सकता है ।चिंऊटीडाड़ महुला रिंग बंधे से लेकर रामपुर धनौली के समीप बन्धे के नीचे की सैकड़ों एकड़ फसले डूब जाने से सरहरा ,रामपुर ,धनौली ,छुतिहर ,नयी बाजार, नवली गाँव के किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है जबकि नवली गाँव के पास नदी स्पर से टकरा रही है ।