फोटो 5संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के दौरान मौजूद कथावाचक व श्रद्धालु।स्रोत:ग्रामीण
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नारनौल। गांव दुलोठ जाट में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस का आयोजन हुआ। मुख्य यजमान राकेश कुमार सहित परिवार ने पूजन कर कथा का शुभारंभ करवाया। भागवत आचार्य पंडित बजरंग शास्त्री ने श्रीमद्भागवत को साक्षात नारायण का स्वरूप बताया। उन्होंने कहा कि सत्य में ही राम, कृष्ण और शिव हैं, इसलिए ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ कहा गया है। आचार्य शास्त्री ने घर-परिवार के पालन-पोषण के साथ प्रभु नाम स्मरण को मानव जीवन का परम धर्म बताया। कथा में भगवान के 24 अवतारों, व्यास, शुकदेव और परीक्षित के जन्म सहित कई प्रसंगों का वर्णन किया गया। शुकदेव और परीक्षित की झांकी दिखाई गई। संवाद