फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देशद्रोही भाषण मामले में शरजील इमाम के खिलाफ दायर पूरक आरोप पत्र

विज्ञापन
विज्ञापन
देशद्रोही भाषण मामले में शरजील इमाम के खिलाफ दायर पूरक आरोप पत्र -दिसंबर में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में भड़काऊ भाषण देने का है आरोप अमर उजाला ब्यूरो नई दिल्ली, 18 अप्रैल देशद्रोही भाषण देने और सीएए के खिलाफ दंगा भड़काने के मामले में दिल्ली पुलिस ने शनिवार को जेएनयू के छात्र शरजील इमाम के खिालाफ साकेत कोर्ट में पूरक आरोप पत्र दायर किया। शरजील इमाम को 15 दिसंबर 2019 को जामिया मिल्लिया इस्लामिया में देशद्रोही भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। महानगर दंडाधिकारी के समक्ष पुलिस ने पूरक आरोप पत्र दायर किया। इस पूरक आरोप पत्र में पुलिस ने कहा कि शरजील ने 13 दिसंबर को जामिया में भड़काऊ भाषण दिया था, जिसके बाद 15 दिसंबर को नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के दौरान न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में जमकर हिंसा हुई थी जिसमें सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया गया था। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान मिले सबूतों से इस बात की पुष्टि होती है कि शरजील ने देशविरोधी भाषण दिए और इससे हिंसा भड़की। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, शरजील इमाम के वकील अहमद इब्राहिम ने कोर्ट से कहा कि उन्होंने अभी पूरी चार्जशीट नहीं पढ़ी है, जो कि दिल्ली पुलिस ने 17 अप्रैल 2020 को दायर की थी। इसे पढ़ने के बाद ही वह आगे उचित कदम उठाएंगे। इससे पहले जामिया और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। इसमें दिल्ली पुलिस ने जेएनयू के छात्र शरजील इमाम समेत 17 लोगों के नाम शामिल किए हैं। फरवरी में पेश आरोप पत्र में शरजील पर पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया है। उल्लेखनीय है कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में चल रहे आंदोलनों के बीच शरजील इमाम का जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने का एक विवादित बयानों वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो 16 जनवरी को सामने आया था जिसमें इमाम को यह कहते हुए सुना गया कि असम को भारत के शेष हिस्से से काटना चाहिए और सबक सिखाना चाहिए क्योंकि वहां बंगाली हिंदुओं और मुस्लिम दोनों की हत्या की जा रही है या उन्हें निरोध केंद्रों में रखा जा रहा है। इस वीडियो के प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 124 ए और 153 ए (देशद्रोह और दो वर्गों के बीच भेदभाव) के तहत 25 जनवरी को देशद्रोह समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने 28 जनवरी को शरजील को उसके पैतृक स्थान बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार किया था। इसके बाद जहानाबाद की अदालत ने उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली पुलिस को सौंप दिया था। शरजील इमाम मूल रूप से जहानाबाद के काको का निवासी है। शरजील की प्रारंभिक पढ़ाई काको से हुई है, लेकिन बाद में वह पटना के सेंट जेवियर स्कूल में पढ़ने के लिए चला गया। उसके बाद उसने डीपीएस वसंत कुंज और फिर आईआईटी पोवई से कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की। वर्तमान में वह जेएनयू से पीएचडी का छात्र है। ------ अरुण कुमार
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें