फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मानवता की मिसाल: गर्भवती महिला को नहीं मिली एंबुलेंस, जवानों ने पहुंचाया अस्पताल; जानें क्या बोले ग्रामीण

Tue, 21 Apr 2026 04:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर

सार

एक गांव में अचानक लेबर पेन शुरू होने पर गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस नहीं मिल रही थी। सीआरपीएफ के जवानों को सूचना मिलते ही वे तुरंत गांव पहुंचे, महिला को सुरक्षित तरीके से एम्बुलेंस में बिठाया और बारसूर अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया। 
विज्ञापन
जवानों ने महिला को पहुंचाया अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दंतेवाड़ा जिले के ग्राम सालेपाल गांव में मंगलवार सुबह सीआरपीएफ के जवानों ने मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने लेबर पेन से जूझ रही एक गर्भवती महिला को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया। जवानों की त्वरित और संवेदनशील मदद से महिला को समय पर चिकित्सा उपचार मिल सका।
विज्ञापन


सालेपाल गांव में रहने वाली एक महिला को मंगलवार सुबह अचानक से लेबर पेन शुरू हो गया। उसे अस्पताल तक ले जाने के लिए गांव में एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। इस गंभीर स्थिति की जानकारी सीआरपीएफ के जवानों को मिली। जवानों ने सूचना मिलते ही बिना समय गंवाए तुरंत महिला की मदद के लिए गांव पहुंचे। उन्होंने गर्भवती महिला को पूरी सावधानी और सुरक्षित तरीके से एम्बुलेंस में बैठाया। 
 

विज्ञापन

इसके बाद एम्बुलेंस को आराम से चलाते हुए बारसूर के अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने महिला की हालत को देखते हुए तुरंत उसका उपचार शुरू कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, वर्तमान में महिला की स्थिति स्थिर और ठीक बताई जा रही है। जवानों के इस कार्य से एक जीवन को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।

महिला के परिजनों ने जवानों द्वारा की गई इस त्वरित और मानवीय मदद के लिए उनका हृदय से धन्यवाद किया। उन्होंने जवानों के इस नेक कार्य की मुक्त कंठ से सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि सीआरपीएफ के जवान समय-समय पर उनकी सहायता के लिए हमेशा आगे आते रहते हैं। उन्होंने जवानों की इस निस्वार्थ सेवा और सहायता के लिए उनके प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।

जवानों ने सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की और बिना देरी किए महिला को अस्पताल पहुंचाया। उनकी तत्परता और संवेदनशीलता से एक गर्भवती महिला को समय पर चिकित्सा सहायता मिली। एम्बुलेंस की अनुपलब्धता जैसी विपरीत परिस्थिति के बावजूद जवानों ने वैकल्पिक व्यवस्था की। यह कार्य उनकी जनसेवा और समुदाय के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें