झज्जर। जिला में पराली प्रबंधन को बढ़ावा देने और पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और वायु गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। यह जानकारी डीसी वर्षा खांगवाल ने मंगलवार को दी। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण उपायों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करते हुए फील्ड में नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने पराली जलाने की संभावित घटनाओं की तत्काल सूचना और प्रभावी कार्रवाई के लिए क्विक रेस्पॉन्स टीमें सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित होती है। इसलिए किसानों को निरंतर जागरूक करते हुए पराली न जलाने तथा फसल अवशेष प्रबंधन की वैज्ञानिक एवं वैकल्पिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। डीसी ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के तहत पराली को खेत में मिलाने पर किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना सहित फसल अवशेष प्रबंधन की उपलब्ध तकनीकों की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाई जाए।