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अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर सम्मान: जगदलपुर में डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में केक कटिंग, मरीज सेवा का लिया संकल्प

Tue, 12 May 2026 01:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर

सार

जगदलपुर के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस धूमधाम से मनाया गया। स्टाफ नर्सों ने फ्लोरेंस नाइटिंगल की जयंती पर केक काटकर मरीजों की निस्वार्थ सेवा का संकल्प लिया। कार्यक्रम में नर्सिंग कर्मियों के योगदान को सम्मानित किया गया।
 
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केक काटकर मनाया गया नर्स डे
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विस्तार
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जगदलपुर में मंगलवार को मेडिकल कॉलेज डिमरापाल के ऑडिटोरियम में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर स्टाफ नर्सों ने केक काटकर आधुनिक नर्सिंग की जनक फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्मदिन मनाया। उन्होंने मरीजों की बिना किसी भेदभाव के सेवा करने का प्रण भी लिया।
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प्रति वर्ष 12 मई को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। यह दिन आधुनिक नर्सिंग की जनक फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती पर उनकी याद में समर्पित है। स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में नर्सिंग कर्मियों के महत्वपूर्ण योगदान को सम्मान देने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। आज के दिन नर्सों के सेवाभाव को विशेष रूप से सलाम किया जाता है। पहली बार अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस वर्ष 1974 में मनाया गया था। इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेस ने हर साल 12 मई को यह दिन मनाने का निर्णय लिया था। यह दिवस स्वास्थ्य क्षेत्र के चिकित्सा कार्यों में नर्सों के महत्व को दर्शाता है। जगदलपुर में मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल, सीएससी और पीएचसी की नर्सों ने इस दिन को खास बनाया। उनका 24 घंटे का समर्पण मरीजों के लिए अमूल्य है।

लेडी विद लैंप के नाम से मशहूर फ्लोरेंस नाइटिंगेल एक महान नर्स थीं। उन्होंने अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया। उनका जन्म 12 मई 1820 को इटली में हुआ था। एक समृद्ध परिवार से होने के बावजूद, उन्होंने लोगों की सेवा के लिए नर्सिंग का पेशा अपनाया।
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वर्ष 1854 में क्रीमिया युद्ध के दौरान उन्होंने दिन-रात बिना रुके सेवा की। वह घायलों को देखने के लिए रात को एक लैंप लेकर निकलती थीं। इसी कारण उन्हें लेडी विद लैंप के नाम से जाना जाने लगा। उनका समर्पण आज भी नर्सों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

 

 

 

 

 

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