एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में एक बार फिर शर्मसार करने वाली घटना हुई है। कुछ शरारती छात्रों ने इंजीनियरिंग विभाग में पांच-छह जगह अश्लील शब्द लिख दिए। जब छात्रों को इसकी जानकारी हुई तो चीफ प्रॉक्टर से शिकायत की। बात न खुले इसलिए आनन-फानन में सुरक्षा कर्मियों से शब्द मिटवा दिए गए। अश्लील शब्द लिखने वाले छात्रों की जांच कराई जा रही है। चीफ प्रॉक्टर बोले, दोषी छात्रों पर कार्रवाई की जाएगी। पिछले दिनों विश्वविद्यालय की कुछ छात्राओं के नाम से अश्लील शायरी लिखकर व्हाट्सऐप पर वायरल कर दी गई थी। विश्वविद्यालय को उसमें शर्मिंदगी झेलनी पड़ी थी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर सका। पिछले सप्ताह विश्वविद्यालय में टेक्नोफेस्ट का आयोजन हुआ। छात्रों का एक गुट विरोध पर उतर आया। गहमागहमी होने के बावजूद छात्रों पर लगाम नहीं लग सकी। कार्यक्रम के समापन के दिन ही शाम को कुछ छात्रों ने समारोह के बैनर फाड़ दिए। उस दिन भी काफी हंगामा हुआ, लेकिन छात्रों की पहचान नहीं हो सकी। रविवार को अवकाश के दिन इंजीनियरिंग विभाग के ही छात्रों ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन विभाग, एमएससी फिजिक्स समेत कई जगह अश्लील शब्द लिख दिए। दरवाजे पर, जमीन पर और दीवारों पर बड़े-बड़े अक्षरों में अश्लील शब्द लिखे गए। सोमवार को मामला खुला तो कैंपस में छात्रों ने विरोध जताया। अश्लील शब्द लिखने वाले छात्र की पहचान नहीं हो सकी है। मामले की जांच कराई जा रही है।
सीसीटीवी लगे होते तो हो जाती पहचान
एलएलएम की छात्रा के साथ छेड़छाड़ हो, या होली से पहले छात्राओं को जबरन रंग लगाने का मामला, विश्वविद्यालय कैंपस में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं। दो-तीन दिन पहले ही विश्वविद्यालय के गेट पर बैनर फाड़ने को लेकर काफी हंगामा हुआ था, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटना से सबक नहीं लिया। सीसीटीवी कैमरे लगवाने की कई बार मांग उठी, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम आज तक खोखले हैं। अगर सीसीटीवी कैमरे लगे होते तो शायद ऐसी हरकत नहीं हो पाती।
किसी शरारती छात्र का काम है। शब्दों को मिटवा दिया गया है। जांच करा रहे हैं। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - बीआर कुकरेती, चीफ प्रॉक्टर