राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ थाने में तैनात उप निरीक्षक और आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एक वीडियो में पैसे का लेन-देन भी दिखाई दिया था। पुलिस अधीक्षक ने आदेश जारी कर दोनों को रक्षित केंद्र राजनांदगांव में संबद्ध कर दिया है।
जिले के डोंगरगढ़ थाने में पदस्थ दो पुलिस कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने अशोभनीय आचरण और पुलिस की छवि धूमिल करने के आरोप में यह कार्रवाई की है। दोनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। निलंबित किए गए कर्मचारियों में उप निरीक्षक रोहित खुंटे और आरक्षक लक्ष्मीशंकर कंवर शामिल हैं। उनका एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
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इस वीडियो में वे पैसे का लेन-देन करते हुए दिखाई दे रहे थे। थाने में ड्यूटी के दौरान उन्होंने उचित निर्धारित गणवेश भी धारण नहीं किया था। पुलिस अधीक्षक ने इन सभी मामलों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने पाया कि इन हरकतों से पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई है।
सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में डोंगरगढ़ थाने के ये दोनों पुलिस कर्मचारी दिखाई दे रहे थे। वीडियो में उन्हें पैसे का लेन-देन करते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था। इस आपत्तिजनक वीडियो के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए।
उप निरीक्षक रोहित खुंटे और आरक्षक लक्ष्मीशंकर कंवर ने अशोभनीय आचरण का परिचय दिया। उन्होंने थाने में ड्यूटी के दौरान उचित गणवेश भी धारण नहीं किया था। यह पुलिस के निर्धारित नियमों का उल्लंघन था। इन हरकतों से पुलिस की गरिमा को ठेस पहुंची और उसकी छवि धूमिल हुई। निलंबन के बाद उन्हें रक्षित केंद्र राजनांदगांव में संबद्ध किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस बल में अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक थी।