उसका बाजार/बांसी। कोरोना संक्रमण के बीच पांच मई से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडियट परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू कराने से शिक्षकों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा। ये बातें शिक्षक विधायक धु्रव कुमार त्रिपाठी ने रविवार को प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि 17 मई तक घोषित लॉकडाउन के बीच में विभाग द्वारा मूल्यांकन कराने का निर्णय शिक्षकों को मौत के मुंह में झोंकने वाला है। प्रदेश के सभी मूल्यांकन केंद्रों पर कापी जांचने के लिए 500 से अधिक शिक्षक व कर्मचारी तैनात किए गए हैं। ऐसे में सामाजिक दूरी बना पाना कठिन होगा। प्रदेश में तमाम जिले रेड जोन घोषित हैं, लोगों को घरों में रहने का निर्देंश है। कोरोना संक्रमण के बीच मूल्यांकन कार्य में शिक्षक अपने स्वास्थ्य को लेकर सशंकित रहेगा। लॉकडाउन समाप्त होने के पहले किसी भी स्थिति में मूल्यांकन कार्य संभव नहीं है। अगर विभाग मूल्यांकन को लेकर इतना ही संजीदा है तो कापियों को परीक्षकों के घर भेजकर आसानी से मूल्यांकन करा सकता है। विभाग के इस तुगलकी फरमान का माध्यमिक शिक्षक संघ पुरजोर विरोध करेगा। विभाग नही माना तो शिक्षक मूल्यांकन केंद्र पर न जाकर जेल जाने को विवश होंगे। शनिवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा को पत्र भेजकर 17 मई के बाद लाकडाउन समाप्त होने पर मूल्यांकन किए जाने की मांग की है। बांसी प्रतिनिधि के अनुसार माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रामविलास यादव, जिला उपाध्यक्ष हरेंद्र बहादुर सिंह ने मूल्यांकन कार्य का विरोध जताते हुए इसे स्थगित करने की मांग की है। ------------- मूल्यांकन की तैयारी पूर्ण बांसी। यूपी बोर्ड द्वारा मूल्यांकन केंद्र बनाए गए जिले के तिलक इंटर कालेज बांसी के प्रधानाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार का कहना है कि पांच मई से मूल्यांकन शुरू होने का निर्देश मिला है जिसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। आगे जो भी निर्देश मिलेगा, उसका अनुपालन किया जाएगा।